करीब 500 करोड़ की परियोजनाओं पर चल रहा काम, कोई अगस्त तो कोई दिसंबर तक होगी पूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। अमर उजाला हिसार यूनिट आज अपना छह साल का सफर सफलतापूर्वक पूरा कर सातवें साल में प्रवेश कर गई है। इन छह सालों में अमर उजाला ने दादरी माई सिटी संस्करण के जरिए जिले में हाेने वाले विकास कार्याें की जानकारी पाठकों तक पहुंचाई। जनसमस्याओं पर आमजन की आवाज मुखर कर विभाग, शासन और प्रशासन की मार्फत समाधान कराने के प्रयास किए। कई मुद्दों पर कामयाबी हाथ लगी और जनता को परेशानियों से राहत मिली। स्थापना के सातवें साल में भी अमर उजाला आमजन के हित से जुड़े मुद्दों और जिले में होने वाले विकास कार्याें की सूचना पहुंचाने का सिलसिला जारी रखेगा।
इस समय जिले में करीब 500 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। आने वाले समय में इससे कहीं अधिक राशि की परियोजनाओं की सौगात जिले को मिलने की उम्मीद है। आने वाले कुछ समय में विकासपरक परियोजनाओं के पूरा होने से स्वास्थ्य, यातायात, खेल व शिक्षा आदि क्षेत्रों की सेवाओं में भी विस्तार होने की उम्मीद है।
- कौन-कौन सी परियोजनाएं जिलावासियों को देंगी राहत
परियोजना : 1- लघु सचिवालय बनकर हो जाएगा तैयार
जिले के मौजूदा लघु सचिवालय का दायरा कम है। जिला स्तरीय लघु सचिवालय का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। यह एक से दो माह में पूरा हो सकता है। करीब 170 करोड़ रुपये की लागत लघु सचिवालय निर्माण पर आएगी। इसके बाद लोगों को एक ही छत के नीचे तमाम अधिकारियों की सुविधा मिल जाएगी। इस समय उन्हें अलग-अलग जगह स्थित विभाग के कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
- परियोजना : 2- 28 करोड़ से बनेगा जिला स्तरीय खेल स्टेडियम
दादरी-दिल्ली मुख्यमार्ग पर समसपुर के समीप जिला स्तरीय खेल स्टेडियम निर्माणाधीन है। इसके निर्माण पर करीब 28 करोड़ रुपये लागत आएगी। हालांकि, स्टेडियम का निर्माण कार्य बेहद धीमा चल रहा है। इस परियोजना पर शासन व प्रशासन दोनों को ध्यान देने की जरूरत है। वर्ष 2022 में स्टेडियम बनकर तैयार होना था। लेकिन, अब काम अधूरा है। हाल ही में पीडब्ल्यूडी ने खेल विभाग को अगस्त तक काम पूरा कराने की बात कही है।
- परियोजना : 3- दो दशक बाद परवान चढ़ेगी रोहतक फाटक आरओबी की मांग
शहर में दो रेलवे ओवरब्रिज हैं। रोहतक फाटक पर तीसरे आरओबी के निर्माण की दरकार है। यह मांग करीब दो दशक पुरानी है। ओवरब्रिज निर्माण पर करीब 77.82 करोड़ रुपये लागत आएगी। इसके लिए पीडब्ल्यूडी ने टेंडर आमंत्रित कर दिया है, जो इसी माह खुलेगा। करीब एक हजार मीटर लंबे आरओबी के निर्माण से प्रतिदिन बीस हजार वाहन चालकों को राहत मिलेगी। कारण यह कि 24 घंटे के अंदर यह फाटक 20 से अधिक बार बंद होता है।
- परियोजना : 4- मेडिकल कॉलेज निर्माण की औपचारिकताएं पूरीं
दादरी जिले में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू हो जाएगा। मेडिकल कॉलेज बनने का जिले को काफी लाभ मिलेगा। इसके लिए जमीन चिह्नित करने से लेकर स्वीकृति तक की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अधिकारियों की मानें तो प्रशासन का जल्द से जल्द इस योजना को भी परवान चढ़ाने का प्रयास है। दादरी जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में जिला मुख्यालय की तर्ज पर विस्तार करने के लिए मेडिकल कॉलेज का निर्माण बेहद जरूरी है।
- परियोजना : 5- 225 करोड़ की सीवर-पेयजल परियोजनाएं होंगी पूरी
शहर में सीवर और पेयजल की समस्या करीब एक दशक पुरानी है। आबादी के हिसाब से पेयजल सुविधाएं नहीं बढ़ पाईं। इसके चलते एक दिन छोड़कर आपूर्ति करनी पड़ रही है। इसी प्रकार सीवर लाइनें 45 साल पुरानी हैं। इसके चलते सीवर समस्याएं बनी रहती हैं। जनस्वास्थ्य विभाग ने इन तमाम समस्याओं के समाधान के लिए करीब 225 करोड़ की परियोजनाओं पर काम शुरू करा रखा है। बारिश के पानी की निकासी योजना पूरी हो चुकी है।
- परियोजना : 6- 20 कॉलोनियों वैध होने से बढ़ेगा शहर का दायरा
दादरी के जिला मुख्यालय बनने के बाद भी शहर का दायरा नहीं बढ़ा है। कुछ माह पहले ही शहर की पांच कॉलोनियों वैध हुई हैं। इसके बाद नगर परिषद की ओर से 11 और कॉलोनियों को वैध करने का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है। करीब नौ कॉलोनियों का प्रस्ताव जिला योजनाकार विभाग की ओर से भी भेजा गया है। इन 20 और कॉलोनियां वैध होने से शहर का दायरा बढ़ेगा। करीब 30 हजार की आबादी को मूलभूत सुविधाएं भी नसीब होंगी।
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नेशनल हाईवे-152 डी का चरखी दादरी जिले का हिस्सा। संवाद
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घसौला रोड पर निर्माणाधीन जिला स्तरीय लघु सचिवालय। संवाद
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रोहतक फाटक, जहां तीसरा आरओबी बनना है। संवाद
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समसपुर में निर्माणाधीन स्टेडियम। संवाद
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चंपापुरी जलघर में निर्माणाधीन टैंक। संवाद