संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। शहर की हार्ट लाइन माने जाने वाली बस स्टैंड और रोहतक रोड पर 56 प्रतिशत तिरंगा लाइटें खराब हैं। लंबा समय बीतने के बाद भी एजेंसी ने इन लाइटों को ठीक करने की जहमत नहीं उठाई है। इससे एक तरफ सुंदरीकरण पर ग्रहण लग रहा है, तो दूसरी ओर शहर के मुख्यमार्ग से गुजरने वाले लोगों को भी दिक्कतें हो रही हैं। नगर परिषद अधिकारियों का तर्क है कि जल्द ही लाइटों को ठीक करवा दिया जाएगा।
बस स्टैंड गेट से लेकर रोहतक रोड पर रेलवे रोड मोड़ तक नगर परिषद ने डिवाइडर पर 39 तिरंगा लाइटें लगाई हुई हैं। इनमें से 22 लाइटें खराब पड़ी हैं। संवाददाता ने जब जायजा लिया तो बस स्टैंड गेट से लेकर परशुराम चौक तक 7 और परशुराम चौक से लेकर रेलवे मोड़ तक 15 लाइटें खराब मिलीं। 39 में से 22 लाइटें खराब होने के बाद भी इन्हें अब तक ठीक न करवाना समझ से परे है।
25 लाख रुपये से डेढ़ साल पहले लगवाई थी लाइ
नगर परिषद ने करीब डेढ़ साल पहले 25 लाख के बजट से शहर के रोहतक रोड, परशुराम चौक से सरदार झाडू सिंह चौक, चरखी दरवाजा रोड, पुराना झज्जर रोड,पुरानी गोशाला रोड से महेंद्रगढ चुंगी तक तिरंगा लाइटें लगवाई थीं। लाइटें लगाने वाली एजेंसी को ही पांच साल तक देखरेख करनी है। अगस्त 2023 में इन लाइटों को लगाया गया था। दो-तीन लाइटें तो लगाने के कुछ दिन बाद ही खराब हो गई थीं, जिन्हें नगर परिषद अधिकारियों ने एजेंसी की मार्फत ठीक करवाया था। अब खराब होने वाली लाइटों की संख्या बढ़कर 22 पहुंच चुकी है और स्थिति जस की तस है।
पार्षदों ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर किया था विरोध
जिस समय ये तिरंगा लाइटें लगाई गई थीं उस समय कुछ पार्षदों ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए लाइटें लगाने का विरोध किया था। शहर के सुंदरीकरण का तर्क देकर ये लाइटें लगवा दी गई थीं। लाइटें लगने के बाद शहर का सुंदरीकरण बढ़ा था, लेकिन अब लाइटें खराब होने से प्रभावित हो रहा है।
वर्जन:
हमने तिरंगा लाइटें लगवाने वाली एजेंसी को खराब पड़ी लाइटों को ठीक करवाने के निर्देश दे दिए हैं। जल्द ही एजेंसी के कर्मचारी लाइटों को ठीक कर देंगे। - बिजेंद्र शर्मा, एलआई, नगर परिषद