चरखी दादरी। भिवानी में आयोजित राज्यस्तरीय दक्ष जयंती समारोह में दादरी डिपो की 56 बसें जाने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। लोकल व लंबे रूटों से हटाकर बसें भिवानी भेजी गईं और इसके बाद 30 हजार यात्रियों के लिए डिपो के बेड़े में महज 45 बसें ही बचीं, जो नाकाफी रही।
बता दें कि दादरी रोडवेज डिपो के बेड़े में 101 बसें शामिल हैं। इनमें से 56 बसें भिवानी कार्यक्रम में भेजी गईं और 20 से लंबे और लोकल रूट प्रभावित हुए। इन रूटों पर संचालन के लिए विभाग के पास 45 रोडवेज और 15 किलोमीटर स्कीम की बसें ही बच गईं। इन बसों से सभी रूटों कवर नहीं हो पाए। हालांकि अधिकारियों की ओर से अतिरिक्त फेरे लगाकर वैकल्पिक व्यवस्था बनाने का प्रयास किया, लेकिन यह नाकाफी रहा।
दरअसल, भिवानी में रविवार को महाराज दक्ष जयंती पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम हुआ और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इसके मुख्य अतिथि रहे। आयोजन के मद्देनजर 30 बसें भिवानी डिपो की ओर से मांगी गईं जबकि 26 बसों का संचालन चरखी दादरी जिले से किया गया। 26 में से 14 बसें दादरी और 12 बाढड़ा से भिवानी के लिए रवाना हुईं। रूटों पर बसों के पहिये न घूमने से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जानिये...किन रूटों से हटाकर भेजी गईं बसें
दादरी- कनीला रूट से दो बसें हटाकर भिवानी भेजी गईं। इसी प्रकार दादरी- सतनाली रूट से 2, दादरी- भिवानी रूट से 3, दादरी- लोहारू रूट से 2, दादरी- दिल्ली रूट से 2, दादरी- चंडीगढ़ रूट से 2, दादरी- रोहतक रूट से 4, दादरी- जयपुर रूट से 1, दादरी- नागौर रूट से 1, दादरी- झज्जर रूट से और दादरी- महेंद्रगढ़ रूट से दो बसें हटाई गईं।
बसों की कमी के बावजूद हमने हरसंभव वैकल्पिक व्यवस्था करने का प्रयास किया। यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए बसों के फेरे भी बढ़ाए गए। इस तरह की स्थिति में यात्रियों को थोड़ी बहुत परेशानी होना स्वभाविक है।
-नवीन शर्मा, महाप्रबंधक, दादरी रोडवेज डिपो