चरखी दादरी। जनता पीजी कॉलेज में इस बार एनसीसी की 53 सीटें और खत्म कर दी गई हैं। इस कदम से अब एनसीसी बी व सी प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए इनरोलमेंट में कड़ी प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। गत वर्ष भी यहां एनसीसी की 53 सीटें खत्म की गई थीं और पिछले दो साल की अगर बात करें तो 106 सीटें कम हुई हैं जिससे सीधे तौर पर कैडेट्स के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और सीटों की कमी के चलते विद्यार्थी एनसीसी में जाने का सपना भी साकार नहीं कर पाएंगे।
जिले का एकमात्र सरकारी अनुदान प्राप्त जनता पीजी कॉलेज में 11 हरियाणा एनसीसी बटालियन के तहत एनसीसी की सीटें अलॉट हैं। 2021 की बात करें तो यहां एनसीसी कि 266 सीटें थीं जिनमें से लड़कों की 213 और लड़कियों की 53 सीटें थी। गत वर्ष यहां लड़कों की प्लाटुन से 53 सीटें कम की गई थी और इसके बाद यहां 213 सीटें बच गई थीं जिनमें से लड़कों की 160 और लड़कियों की 53 सीटें थी। इस साल फिर से लड़कों की प्लाटुन की 53 सीटें खत्म कर दी गई हैं। फिलहाल कॉलेज में एनसीसी की 160 सीटें बची हैं जिनमें से 107 लड़कों और 53 लड़कियों की हैं।
बता दें कि एनसीसी प्रमाण पत्र के सरकारी नौकरियों खासकर बेल्ट की सर्विस में वैटेज के रूप में अंक मिलते हैं। एनसीसी सी प्रमाण पत्र धारकों को तो सेना में लिखित परीक्षा से भी छूट मिलती है। नगर स्थित जनता पीजी कॉलेज 1970 के दशक का है। कॉलेज में करीब दो हजार विद्यार्थी यूजी व पीजी कोर्स की पढ़ाई करते हैं।
- 1600 मीटर दौड़ के आधार पर होता है चयन
अब सीटें कम होने पर एनसीसी प्रमाण पत्र लेने के इच्छुक विद्यार्थियों को अपना इनरोलमेंट करवाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी होगी। इनरोलमेंट के लिए उम्मीदवार से 1600 मीटर तक की दौड़ भी करवाई जाती है। उसका कद व अन्य शारीरिक फिटनेस की भी जांच की जाती है। इसके साथ ही साक्षात्कार प्रक्रिया से भी गुजरना पड़ता है। तब जाकर एनसीसी में दाखिला हो पाता है। हर साल दाखिले के लिए सीटों से तीन से चार गुना तक आवेदन पहुंचते हैं। कॉलेजों में इस समय यूजी कोर्स में दाखिले की प्रक्रिया तकरीबन पूरी हो चुकी है।
- बी प्रमाण पत्र लेने के लिए एक कैंप है अनिवार्य
बी प्रमाण पत्र लेने के लिए कैडेट्स को एक कैंप व दो साल 75 प्रतिशत परेड अटेंड करनी होती है। इसी प्रकार सी प्रमाण-पत्र तीन साल में मिलता है। बी के बाद उससे अगले साल सी प्रमाण पत्र मिलता है इसके लिए दो कैंप व 75 प्रतिशत परेड हाजिरी होना जरूरी है। उसके बाद बटालियन की ओर से लिखित परीक्षा व कंपास, मैप रीडिंग, हथियारों के ज्ञान संबंधी परीक्षा भी ली जाती है। इस परीक्षा में पास होने पर ही सी प्रमाण पत्र मिलता है।
कॉलेज में एनसीसी की 60 सीटें और कम कर दी गई हैं। अब दाखिले के लिए विद्यार्थियों के बीच और स्पर्धा बढ़ेगी। एनसीसी के दौरान कैडेट्स को विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। कैडेट्स में एकता और अनुशासन की भावना का विकास किया जाता है। कैडेट्स को कैंपों में आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाता है।
-लेफ्टिनेंट विपिनपाल सिंह, 11 हरियाणा एनसीसी बटालियन (भिवानी)