- मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत दी जाने वाली शगुन राशि में सरकार ने की 10 हजार की बढ़ोतरी
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत दी जाने वाली शगुन राशि में बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। अब पिछड़ा वर्ग परिवार को विवाह पर कन्यादान के रूप में 51 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इससे पहले यह राशि 41 हजार रुपये थी।
दादरी उपायुक्त मुनीश शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस निर्णय से 1.80 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले हजारों पात्र परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की कन्याओं के विवाह में सहायता प्रदान करना है।
इस योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले पिछड़े वर्ग के परिवारों को उनकी बेटियों के विवाह के लिए, किसी भी वर्ग की महिला खिलाड़ी को उनकी स्वयं की शादी के लिए और ऐसे दिव्यांग जोड़ों में से पति या पत्नी में से कोई एक दिव्यांग होने पर भी अब 51 हजार रुपये की राशि कन्यादान स्वरूप दी जाएगी।
उपायुक्त मुनीश शर्मा ने बताया कि सरकार की ओर से मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत उपरोक्त के अलावा अनुसूचित जाति, विमुक्त जाति और टपरीवास समुदाय के पात्र परिवारों को 71 हजार रुपये की राशि विवाह के अवसर पर दी जा रही है।
वहीं, विधवा, तलाकशुदा, अनाथ या बेसहारा महिलाओं के पुनर्विवाह पर (यदि पहली शादी के समय योजना का लाभ नहीं लिया गया हो) को भी 51 हजार रुपये की राशि दी जाती है। यदि नवविवाहित दंपती दोनों दिव्यांग हैं, तो उन्हें भी 51 हजार रुपये की सहायता राशि मिलती है।
- 6 माह के भीतर पंजीकरण कराना जरूरी
उपायुक्त ने बताया कि योजना का लाभ उठाने के लिए विवाह के 6 माह के भीतर विवाह पंजीकरण कराना अनिवार्य है। योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया को बहुत सरल और सुगम बनाया गया है, ताकि, पात्र व्यक्ति आसानी से लाभ उठा सकें। आवेदक shadi.edisha.gov.in पोर्टल पर जाकर मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।