जिले के ब्लड बैंकों की अव्यवस्थाओं और रक्त की लेन-देन पर निगरानी रखने के लिए रेडक्रॉस राज्य समिति चंडीगढ़ ने प्रदेश स्तरीय कोर कमेटी गठित की है। इस समिति में रक्तदान के क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी निभाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं के अलावा स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। इन सबकी सूची तैयार कर सभी जिला मुख्यालयों पर रेडक्रॉस समिति के अधिकारियों के पास भेज दी गई है। जल्द ही समिति और रेडक्रॉस समिति के पदाधिकारियों की बैठक होगी।
चरखी दादरी निवासी रिंपी फौगाट को भी कोर कमेटी का सदस्य बनाया गया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही कोर कमेटी की बैठक कर कार्ययोजना का प्रारूप तैयार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यत: कोर कमेटी का काम ब्लड बैंक की अव्यवस्थाओं को दूर करवाने के अलावा रक्त के लेन-देन और प्रदेश में लगने वाले ब्लड कैंपों पर निगरानी रखने का रहेगा। वहीं, जिला चरखी दादरी रेडक्रॉस समिति की तरफ से भी इस संबंध में पत्र मिलने की पुष्टि की गई है।
रोहतक में सबसे अधिक खपत, दादरी में लगते हैं सबसे अधिक कैंप
प्रदेश में अगर रक्त की खपत की बात करें तो रोहतक जिला सबसे आगे है। वहीं, दादरी जिला रक्तदान करने के मामले में सबसे आगे हैं। जिले में हर साल औसतन छह हजार यूनिट रक्तदान होता है। एक साल में करीब 110 कैंप जिले में लगाए जाते हैं। दादरी पूरे प्रदेश में एकमात्र ऐसा जिला है जो अन्य जिलों के अलावा प्रदेश के बाहर वाले जिलों को भी रक्तदान कैंप लगाकर रक्त मुहैया करवाता है।
ये भी हैं कोर कमेटी में शामिल
सोहना विधायक संजय सिंह राणा, रेडक्रॉस सोसायटी के वाइस चेयरमैन सुषमा गुप्ता, रेडक्रॉस समिति चंडीगढ़ जरनल सेक्रेटरी, रेडक्रॉस सोसायटी संयुक्त सचिव, ब्लड बैंक स्टेट इंचार्ज, चंडीगढ़ पीजीआई से डॉक्टर सुचेत सचदेवा, ब्लड बैंक चंडीगढ़ से डॉक्टर रवनीत कौर, आदमपुर पॉलिटेक्निक से राकेश शर्मा, हेल्थ सर्विस के निदेशक का प्रतिनिधि समेत अन्य अधिकारियों को कोर कमेेटी का सदस्य बनाया गया है।