चरखी दादरी। सिविल अस्पताल की लैब में आसुत जल (डिस्टिल वाटर) पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग ने आसुत पानी की 100 कैन मंगवाई गई है। खेप पहुंचते ही लैब में सैंपल जांच सुविधा शुरू हो गई है।
विभाग ने 500 लीटर आसुत जल खरीदा है। इसकी कीमत करीब 30 हजार रुपये है। दरअसल पिछले करीब एक सप्ताह से सिविल अस्पताल की लैब में आसुत जल संयंत्र खराब पड़ा है। इसके चलते कई प्रकार के सैंपलों की जांच नहीं हो पा रही थी। मरीजों को निजी लैब पर सैंपल जांच करवाने में जेब ढीली करनी पड़ रही है। अमर उजाला ने 12 जनवरी के संस्करण में लैब का डिस्टिल वाटर प्लांट खराब, नहीं हो पा रही कई प्रकार की जांच... नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित कर मरीजों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया था। इसी दिन मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने लैब में दबिश दी थी और निजी लैब पर सैंपल जांच करवाने की एवज में मरीज से 500 रुपये लेने पर लैब टेक्नीशियन और स्वीपर को मौके पर ही पकड़ा था। इनसे 500 रुपये भी बरामद हुए थे। यहा मुद्दा उठने के बाद विभाग ने अब आसुत जल की 100 कैन मंगवाकर सैंपल जांच शुरू कर दी है। फिलहाल इन कैन में 500 लीटर आसुत जल पहुंचा है। लैब में आसुत जल की दैनिक खपत 25 लीटर है। इस लिहाज से अगले 20 दिन तक सैंपल जांच में आसुत जल की कमी नहीं आएगी।
मरीज से रुपये लेने के मामले की आज एसएमओ सौंपेंगे जांच रिपोर्ट
मरीज से रुपये लेते पकड़े गए दोनों कर्मचारियों के मामले की जांच सीएमओ कार्यालय की ओर से सिविल अस्पताल एसएमओ को सौंपी गई है। इन्हें जांच रिपोर्ट देने के लिए पांच दिन का समय दिया गया है। ये समय अवधि वीरवार को पूरी हो जाएगी।