अमर उजाला विशेष::
कृषि विभाग ने बारिश से खरीफ की फसल में हुए नुकसान की सर्वे रिपोर्ट भेजी मुख्यालय
- 2600 किसानों ने दर्ज करवाई थी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। कृषि विभाग ने बारिश से खरीफ की फसल में हुए नुकसान की सर्वे रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेज दी है। रिपोर्ट में सर्वाधिक कपास की फसल में 50 से 75 प्रतिशत तक नुकसान दर्शाया गया है। बाजरा व धान में 25 प्रतिशत नुकसान दिखाया गया है।
बता दें कि जिले में सर्वाधिक 61 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बाजरे की फसल है। उसके बाद 18,350 हेक्टेयर के साथ कपास का दूसरा स्थान है। यह सर्वे उन किसानों के लिए किया गया है, जिन्होंने फसल का बीमा नहीं करवा रखा है। जिन किसानों ने बीमा नहीं करवा रखा है उनको राज्य सरकार की ओर से मुआवजा दिया जाता है। बीमा करवाने वाले किसानों को बीमा कंपनी मुआवजे का भुगतान करती है।
नुकसान की भरपाई के लिए जिले के 2600 किसानों ने बीमा क्लेम के लिए शिकायत दर्ज करवा रखी है। नुकसान का आकलन करने के लिए बीमा कंपनियों ने भी मौके पर जाकर सर्वे शुरू कर दिया है। जिले में सबसे ज्यादा नुकसान कपास की फसल को हुआ है।
- इन गांवों में फसल बिछने से ज्यादा नुकसान
गांव मौड़ी, बलकरा, मकड़ाना, मकड़ानी, रासीवास, पांडवान, चिड़िया व मंदोला आदि गांवों में फसल में ज्यादा नुकसान का आकलन है। इन गांवों में मानसून सीजन में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। इससे खेतों में फसल बिछ गई।
- जिले में बिजित फसल का आंकड़ा हेक्टेयर क्षेत्र में
फसल- बिजित रकबा
कपास- 18,350
बाजरा 61,000
धान 16,000
ग्वार 6,400
गन्ना 2,000
चारा 2,560
- 1,22,358 हेक्टेयर है कृषि योग्य रकबा
जिले का कुल कृषि योग्य क्षेत्र 1,22,358 हेक्टेयर है। इसमें से 1,17,672 हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों ने बिजाई कर रखी है। इस बार पछेती बारिश होने की वजह से बिजाई का कार्य भी पछेते रूप में ही किया जा सका था। अब मानसून की विदाई देरी से हो रही है। इससे किसानोंं काे नुकसान झेलना पड़ रहा है। इस समय अगेती बाजरा की फसल पकी हुई है। इसकी कटाई होनी है। इसी प्रकार कपास में भी फल आने लगा है। इसमें भी बारिश से नुकसान हो रहा है।
वर्सन:
विभाग ने नुकसान की सर्वे रिपोर्ट तैयार कर हेड ऑफिस भेज दी है। रिपोर्ट में सर्वाधिक कपास में 50 से 75 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। बाजरा में 25 प्रतिशत तक नुकसान है।
- कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग
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मौड़ी गांव के खेत में बिछी फसल। संवाद