संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। शहर में पेयजल लाइन लीकेज ठीक करने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग लंबे समय से फिटर मैकेनिक की कमी से जूझ रहा है। शहर के 21 वार्डों व बाजारों में समय पर पेयजल लाइन लीकेज ठीक करने के लिए 15 फिटर मैकेनिक की आवश्यकता है, जबकि विभाग सिर्फ सात फिटर मैकेनिक से काम चला रहा है। इसके परिणामस्वरूप पानी की बर्बादी के साथ दूषित पानी की घरों में आपूर्ति हो रही है।
शहर में करीब 200 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बिछी हुई है जोकि करीब 45 साल पुरानी हैं। इसकी वजह से पानी की आपूर्ति में भी व्यवधान आ रहा है। पानी का थोड़ा-सा दबाव बनने पर लाइन जवाब दे देती हैं। लीकेज की वजह से लोगों के घरों में दूषित पानी की आपूर्ति होती है। फिटर मैकेनिक की कमी से लाइन लीकेज समय पर ठीक नहीं हो पाती। मानसून सीजन में तो लाइन लीकेज होने पर ठीक करना मुश्किल कार्य हो जाता है।
विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि नगर का क्षेत्र बड़ा होने व कर्मचारियों की संख्या कम होने की वजह से लीकेज ठीक करने का काम समय पर पूरा नहीं हो पाता है। फिर भी विभाग की ओेर से प्रयास किए जाते हैं कि समय पर लाइन लीकेज ठीक की जाएं ताकि लोगों को पानी साफ मिलता रहे।
पार्षद बोले - लंबा समय बीतने पर भी समस्या जस की तस
पार्षद जयसिंह लांबा, मुनेश दहिया, मनोज वर्मा, सतबीर चौहान, सुधीर स्वामी आदि ने बताया कि शहर के ज्यादातर वार्डाें के कुछ क्षेत्रों में दूषित पेयजल आपूर्ति की समस्या बनी हुई है। करीब चार हजार की आबादी इस समस्या का दंश झेल रही है। उन्होंने बताया कि लंबा समय बीतने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
115 करोड़ की पेयजल परियोजना पर भी चल रहा काम
जनस्वास्थ्य विभाग ने शहर के लिए 115 करोड़ के पेयजल प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर रखा है। इसके तहत शहर में करीब 50 किलोमीटर लंबी नई पाइप लाइन बिछाए जाने की योजना है। पुरानी लाइनों को बदला जाना है। इनके अलावा जलघरों से बूस्टिंग स्टेशन तक अलग से नई लाइनें बिछाए जाने की योजना है।
वर्सन :
इस समय विभाग के पास सात फिटर मैकेनिक हैं, जबकि कम से कम 15 होने चाहिए। तब जाकर पूरे शहर में समय पर काम पूरा हो सकता है। कर्मचारी लीकेज को समय पर ठीक करने का प्रयास कर रहे हैं। विभाग का प्रयास है कि लोगों को शुद्ध पानी मिले। - सोहनलाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
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शहर में लीकेज करती पेयजल लाइन। संवाद