संवाद न्यूज एजेंसी बौंदकलां। दादरी डिस्ट्रीब्यूटरी 50 दिन के अंतरात में बुधवार को फिर से टूट गई। नहर के पानी का बहाव खेतों की ओर होने से करीब 125 एकड़ में पकी खड़ी गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। कुछ किसानों ने तो अभी कटाई ही की थी। सिंचाई विभाग ने करीबन छह घंटे बाद नहर के टूटे हिस्से को पाटकर पानी के बहाव को बंद किया। दादरी डिस्ट्रीब्यूटरी की कुछ बुर्जियां अभी बनी नहीं है। कई जगहों से नहर कमजोर हो चुकी है। वहीं, सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सूखे पेड़ों की जड़ों से पानी का रिसाव होने के चलते नहर टूटी है। बुधवार सुबह 5 बजकर 30 मिनट पर दादरी डिस्ट्रीब्यूटरी आरडी नंबर 9200 पर टूट गई। नहर की पटरी का करीब 30 फीट का हिस्सा टूटने से पानी खेतों की ओर बढ़ गया। सिंचाई विभाग के अनुसार नहर की क्षमता 186 क्यूसेक है। नहर जिस समय टूटी उस वक्त 140 क्यूसेक पानी चल रहा था। नहर टूटने से पानी तेज गति से गेहूं की पकी फसलों की ओर बहने लगा। किसानों ने आनन-फानन में सिंचाई विभाग को सूचना दी। सिंचाई विभाग के एक्सईएन इकबाल सिंह सैनी, जेई विकास कुमार समेत अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे। किसानों ने भी नहर पाटने में विभाग की मदद की। पोपलेंड,जेसीबी और ट्रैक्टर लगाकर नहर पाटने का काम शुरू किया गया। बुधवार सुबह 10 बजे तक सिंचाई विभाग ने नहर को पाटकर पानी के बहाव को रोक दिया। नहर टूटने से गांव मालकोष और खरककलां की लगभग 125 एकड़ पकी खड़ी गेहूं की फसल नहर टूटने से पहुंचे पानी से बर्बाद हो चुकी है। पानी भरने से खड़ी फसलों को काफी नुकसान हुआ है। किसानों ने प्रदेश सरकार से प्रति एकड़ 50 हजार रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग की है। बाक्सः गत चार मार्च को भी टूटी थी नहर इससे पहले पिछले महीने 4 मार्च की रात को 11 बजे दादरी डिस्ट्रीब्यूटरी नहर के किनारों का पुराना और कमजोर होने के कारण पानी का बहाव को झेल नहीं पाई और नहर टूट गई। इससे पहले बौंदकलां डिस्ट्रीब्यूटरी गत वर्ष 10 करोड़ की लागत से नई बनाई गई थी। लेकिन उद्घाटन के एक महीने के अंदर ही टूट गई थी। वहीं पर बौंदकलां डिस्ट्रीब्यूटरी गत पांच व छह अप्रैल 2018 को टूट चुकी है। बार-बार नहरों के टूटने के पीछे क्या कारण सामने आते है। प्रदेश सरकार और प्रशासन को पता लगाने की कोशिश करनी चाहिए। दादरी डिस्ट्रीब्यूटरी को भी नया बनाया जा रहा है। इस पर 12 करोड़ रुपये खर्च आएगा। बाक्सः सूखे पेड़ों की जड़ों से पानी रिसाव होने से नहर टूटी : एक्सईएन सिंचाई विभाग के एक्सईएन इकबाल सिंह सैनी ने कहा कि बुधवार सुबह साढ़े पांच बजे ही नहर टूटी है। नहर में खड़े सूखे पेड़ों की जड़ों से पानी का रिसाव होने से नहर के किनारों से पानी बहकर निकला है। नहर में केवल बुधवार तक ही पानी चलना था। नहर टूटते समय 140 क्यूसेक पानी चल रहा था जबकि नहर की क्षमता 186 क्यूसिक की है।