चरखी दादरी। केंद्र सरकार की संशोधित वितरण क्षेत्र योजना के तहत शहर में बिजली व्यवस्था आधुनिक एवं व्यापक होगी। इस योजना के तहत 50 करोड़ रुपये का बजट खर्च किया जाएगा। 500 नए खंभे लगाए जाएंगे। इसके लिए निविदा आमंत्रित हो गई है। इस परियोजना पर एक सप्ताह में काम शुरू होने की उम्मीद है। इससे शहर मेें बिजली आपूर्ति में विस्तार एवं सुधार हो सकेगा। अघोषित कटौती और कम वोल्टेज की समस्या का समाधान होगा।
शहर में करीब 18,000 बिजली संयोजन हैं। इन्हें दो बिजलीघरों में बने 12 पोषकों से बिजली दी जा रही है। मुख्य बिजलीघर बीबीएमबी है। इन दोनों बिजलीघर से शहर में हो रही पूर्ति नाकाफी है। इस कारण शहर से सटे गांवों में बने बिजलीघरों से काम चलाना पड़ रहा है। शहर में बिजली तारों की स्थिति काफी खराब है। कई भागों में तार काफी पुराने हैं जो बार-बार टूट रहे हैं जिससे आपूर्ति में बाधा आ रही है। गर्मी और बारिश होने पर तारों में जल्दी खराबी आ जाती है। इसे ठीक करने में कई घंटे लग जाते हैं। शहर की बिजली लाइन में खंभों की संख्या कम है। सहारा दूर होने की वजह से झूल रहे तार जल्दी टूट रहे हैं।
निर्धारित उचित दूरी पर खंभे न होने की वजह से तार लटक रहे हैं। इन्हें कसने के लिए खंभों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। निगम ने सभी मीटर उपभोक्ताओं घरों के बाहर खंभों पर लगा दिए हैं ताकि बिजली चोरी पर अंकुश लग सके। इसके बावजूद शहर में बिजली की क्षति करीब 20 प्रतिशत है।
अब शहर में केंद्र सरकार की संशोधित वितरण क्षेत्र योजना के तहत 50 करोड़ रुपये का बजट खर्च होगा। इस योजना के तहत शहर के सभी भागों में 500 खंभे लगाए जाएंगे। 50, 80 और 120 मिमी मोटे तार लगेंगे। पूरे शहर में करीब 30 किलोमीटर लंबाई में तार लगाए जाएंगे। नए तार लगने से खराबी कम आएगी और बिजली चोरी पर अंकुश लगेगा। इसके लिए निविदा आवंटित हो गई है। एक सप्ताह में काम शुरू होकर यह योजना तीन माह में पूरी होने की उम्मीद है।
केंद्र सरकार की इस योजना के तहत शहर में बिजली आपूर्ति में व्यापक स्तर आएगा। कम वोल्टेज की समस्या दूर हो जाएगी। इस योजना पर एक सप्ताह में काम शुरू कर देंगे। पोषकवार काम शुरू किया जाएगा। - गौरव कुमार, एसडीओ, बिजली निगम, चरखी दादरी।