चरखी दादरी। दहेज के लिए प्रताड़ित कर पत्नी को आत्महत्या के लिए विवश करने पर दोषी पति को एएसजे पुरुषोत्तम कुमार की कोर्ट ने पांच साल की सजा सुनाई है। बाढड़ा उपमंडल के हंसावास कलां निवासी दोषी नवीन पर 13,000 रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने की सूरत में उसे तीन माह की अतिरिक्त कैद काटनी होगी।
रावलधी निवासी सत्यवान ने 16 जून 2021 को बाढड़ा थाने में उसकी भांजी नीतू की मौत होने पर विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज करवाया था। उसने बताया था कि उसकी भांजी नीतू की शादी 30 अप्रैल 2015 को हंसावास कलां निवासी नवीन से की थी। नवीन शराब का आदी था और उसकी भांजी को दहेज के लिए प्रताड़ित करता था। 15 जून 2021 को उसे सूचना मिली कि नीतू की सल्फास के प्रभाव से मौत हो गई। सल्फाय निगलने से पहले नीतू ने मामा सत्यवान से बात हुई थी। इसमें उसने नवीन के शराब के नशे में दहेज के लिए मारपीट करने व सल्फास खिलाने का प्रयास करने की बात बताई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि प्रताड़ना से तंग आकर नीतू ने सल्फास निगल ली और उसके प्रभाव से मौत हो गई।
एएसजे पुरुषोत्तम कुमार की कोर्ट ने दोषी पति नवीन को धारा 306 के तहत पांच साल की कैद और 10,000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई गई है। वहीं, धारा 498-ए में उसे दो साल की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा उस पर तीन हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर उसे एक माह की अतिरिक्त कैद भी भुगतनी पड़ेगी।