चरखी दादरी। जिला प्रशासन ने अतिक्रमणकारियों पर सख्ती शुरू कर दी है। इसके तहत सोमवार सुबह दल-बल के साथ प्रशासनिक टीम ने कार्रवाई शुरू की जो पांच घंटे से अधिक देर तक चली। इस दौरान छह जगहों से अतिक्रमण हटाया गया। रोहतक फाटक के पास मलबा डालकर बंद की गई गली को खुलवाया गया। गोशाला चौक और वाल्मीकि बस्ती क्षेत्र में सरकारी पर जमीन पर रखे गए पांच खोखे हटाए गए। टीम की ओर से शहर में कई जगहों पर बने करीब 100 चबूतरे भी तोड़े गए।
अतिक्रमण और अवैध कब्जे से कई सड़कें संकरी हो गईं हैं। इस कारण कई जगह जाम लग रहा है। जिला प्रशासन के समाधान शिविर और कष्ट निवारण समिति की बैठक में इनकी कई शिकायतें पहुंची थीं। इन शिकायतों पर संज्ञान लेकर डीसी मनदीप कौर ने नगर परिषद को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके तहत एमई जोगेंद्र सिंह के नेतृत्व में नगर परिषद की टीम सोमवार सुबह 11 बजे सड़कों पर उतरी। ड्यूटी मजिस्ट्रेट समेत पर्याप्त पुलिस बल भी टीम के साथ मौजूद रहा।
टीम सबसे पहले रोहतक फाटक के पास एक बंद गली को खुलवाने पहुंची। कष्ट निवारण समिति की बैठक में उद्योग मंत्री मूलचंद शर्मा के समक्ष इसकी शिकायत पहुंची थी। उनके निर्देशों पर सोमवार को वहां पहुंची टीम ने मलबे का उठान कर बंद की गई गली को खुलवा दिया। इसके बाद टीम गोशाला चौक पहुंची। वहां सरकारी जमीन पर रखे चार खोखे हटाए गए। वहां कार्रवाई खत्म करने के बाद टीम वाल्मीकि बस्ती पहुंची और यहां से भी सरकारी जमीन पर रखा एक खोखा हटाया गया। अन्य अतिक्रमण भी हटाया जाएगा।
झज्जर घाटी में तोड़े चबूतरे, नहीं हुआ विरोध
टीम में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि झज्जर घाटी में भी अतिक्रमण की शिकायत मिली थी। इस पर संज्ञान लेकर टीम वाल्मीकि बस्ती के बाद वहां पहुंची। टीम ने वहां एक गली में बने सभी साठ से अधिक चबूतरे तोड़े। कोई चबूतरा न छोड़ने के कारण लोगों ने इस कार्रवाई का विरोध कम किया। सभी आरोपी अवैध चबूतरे तोड़ने की प्रक्रिया को देखते रहे।
- गांधीनगर और छोटूराम धर्मशाला क्षेत्र में भी पहुंची टीम
झज्जर घाटी में कार्रवाई करने के बाद प्रशासनिक अमला गांधीनगर पहुंचा। यहां टीम ने गली में अवैध रूप से बने चबूतरे को तोड़ा। इसके बाद यहां से टीम बस स्टैंड के सामने वाली गली में स्थित छोटूराम धर्मशाला परिसर पहुंची। इस क्षेत्र में गली में बनाए गए अवैध चबूतरों को टीम ने तोड़ा।
-70 से अधिक पुलिसकर्मी रहे मौजूद, विरोध की नहीं हुई हिम्मत
कार्रवाई करने पहुंची नगर परिषद टीम के साथ प्रशासन ने पर्याप्त पुलिस बल भी भेजा। टीम के साथ करीब 70 पुलिसकर्मी रहे। इतनी संख्या में पुलिसकर्मी साथ होने के कारण अतिक्रमणकारी एक बार भी कार्रवाई के विरोध की हिम्मत नहीं कर सका। इस कारण टीम ने काम बिना रुकावट के अतिक्रमण हटाया।
समाधान शिविर और कष्ट निवारण समिति की बैठक में प्रशासन के पास पहुंचीं शिकायतों पर संज्ञान लेकर सोमवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। टीम ने शहर में कई जगहों पर पहुंचकर अवैध चबूतरे तोड़े। सरकारी जमीन पर रखे खोखे भी हटाए गए। - जोगेंद्र सिंह, एमई, नगर परिषद, चरखी दादरी।