अबकी बार खुले बाजार में किसानों को सरसों के रेट सरकारी समर्थन मूल्य से अधिक मिल रहे हैं। इस समय सरसों खुली बोली के रूप में 4900 रुपये प्रति क्विंटल के भाव बिक रही है, जबकि सरकारी रेट 4650 रुपये है। सरसों की सरकारी खरीद एक अप्रैल से शुरू होनी है। जिला में इस बार सरसों का रकबा 62 हजार हेक्टेयर क्षेत्र है। इसके चलते इस बार सरसों की पैदावार 15 लाख क्विंटल से ज्यादा होने की उम्मीद है।
जिले में सरसों की कटाई का काम शुरू हो चुका है। किसान सरसों की कटाई के साथ ही कढ़ाई भी कर रहे हैं ताकि ज्यादा भाव मिल सके। अनाज मंडी में सरसों की आवक शुरू भी हो गई है।
इस समय सरसों का खुले बाजार में भाव 4900 रुपये प्रति क्विंटल है। इस रेट में आढ़ती व ऑयल मिल मालिक सरसों की खरीद कर रहे हैं। किसान को सरसों बिक्री में 250 रुपये प्रति क्विंटल तक मुनाफा मिल रहा है। किसान सुरेंद्र कुमार, अनिल कुमार, सतीश कुमार, हरज्ञान सिंह, भूप सिंह का कहना है कि अगर किसान को सरसों का भाव सरकारी रेट 4650 से ज्यादा भी मिल जाता है, तो भी वे सरकार को अपनी फसल नहीं बेचेंगे। सरकारी बिक्री के दौरान उनको परेशानी भी झेलनी पड़ती है। अनाज मंडी से बाहर सरसों बेचने पर पैसा भी नकद मिल जाता है।
जिले में बनाए चार खरीद केंद्र, 10 किए कम
जिले में चार ही खरीद केंद्र बनाए गए हैं, जबकि पिछले साल इनकी संख्या 14 थी। इन खरीद केंद्रों पर 250 आढ़तियों ने सरसों व गेहूं की सरकारी की थी। इस बार सिर्फ चार खरीद केंद्र ही होने से 100 से ज्यादा आढ़ती खरीद कार्य नहीं कर पाएंगे। इस बार पिछले रबी सीजन की तुलना में नौ हजार हेक्टेयर क्षेत्र रकबा ज्यादा है। जिला में इस समय रिकार्ड 62 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सरसों की फसल है।
यहां होगी जिले में सरसों की खरीद
जिला में दादरी शहर अनाज मंडी, बाढड़ा, बौंद कलां व झोझू कलां में सरसों की खरीद होगी। दादरी मंडी में करीब 75 आढ़ती सरसों व गेहूं की सरकारी खरीद का कार्य करेंगे। बौंदकलां में करीब 15, बाढड़ा में 20 और झोझू कलां में 15 आढ़ती खरीद का कार्य करेंगे। इस बार खरीद केंद्र कम संख्या में बनाए जाने से आढ़तियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा।
किसान बोले: कागजी कार्यवाही की चिंता न भुगतान में देरी का डर
- मैंने आज एक एकड़ की सरसों मंडी में आकर 4900 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से आढ़ती को बेची है। सरकारी भाव से ज्यादा हमें मिल रहा है, तो सरसों बेचने में क्या हर्ज है। सरसों तुलवाते ही भुगतान भी हो गया।
अजीत, शीशवाला
- मैं आज डेढ़ एकड़ की सरसों लेकर दादरी मंडी में बेचने आया हूं। मैंने फसल बेच दे दी है और भुगतान भी हो गया है। सरकार को सरसों बेचने के लिए काफी औपचाकिरताएं पूरी करनी पड़ती हैं और भुगतान में भी देरी होती है।
टोनी, मैहड़ा
इस समय सरसों खुले बाजार में 4900 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है, जबकि सरकारी रेट 4650 रुपये प्रति क्विंटल है। सरसों की पूरी आवक बाजार में आने पर भी खुले बाजार में सरसों 5000 रुपये प्रति क्विंटल तक बिकेगी। इस बार सरसों की डिमांड ज्यादा है। सरसों का पुराना स्टॉक खत्म हो चुका है। गोदामों में स्टोरेज खत्म हो चुकी है।
- रामकुमार रिटोलिया, अनाज मंडी प्रधान