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Charkhi Dadri News: 47 स्कूलों में जान हथेली पर रखकर भविष्य गढ़ रहे विद्यार्थी

Fri, 01 Aug 2025 12:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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दगड़ोली राजकीय स्कूल के बरामदे में मौजूद विद्यार्थी व छत से गिरा प्लस्तर। संवाद
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फोटो 06
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दगड़ोली राजकीय स्कूल के कमरे की छत में दिखाई देता सरिया। संवाद
फोटो 07
भागवी गांव के राजकीय स्कूल में असुरक्षित घोषित कमरे। संवाद

ग्राउंड रिपोर्ट
- जिले के इन राजकीय स्कूलों के भवन कक्षाएं लगाने लायक नहीं, किसी में कमरे जर्जर तो किसी की टपक रही छत, लेंटर में नजर आ रहे सरिये
- नए कमरे व शौचालय निर्माण समेत छत मरम्मत के लिए बजट मिलने का इंतजार
जगवीर शर्मा
चरखी दादरी/कादमा। किसी कमरे की छत टपक रही, किसी के लेंटर में सरिया झांक रहा, कहीं दीवारों के प्लास्टर भरभरा रहे। यह स्थिति जिले के राजकीय स्कूलों के भवनों की है। ऐसे 47 स्कूलों में विद्यार्थी जान हथेली पर रखकर अपना भविष्य गढ़ने के लिए विवश हैं।
जिले में कुल 364 राजकीय प्राइमरी, मिडिल, हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं। इनमें करीब 33 हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। राजकीय प्राइमरी स्कूल रामनगर में तीन कमरे जर्जर घोषित हैं। कपूरी स्कूल की छत को मरम्मत की दरकार है। गोठड़ा स्कूल के तीन कमरे बदहाल हैं। इन कमरों की छत भी अब तब की स्थिति में है। गांव मकड़ाना के स्कूल में छह कमरे जर्जर घोषित हैं।
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इसी प्रकार, मकड़ानी प्राइमरी स्कूल के पांच, संतोखपुरा में तीन व नगर स्थित राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सात कमरे जर्जर हाल में हैं। इसी तरह, छपार में चार, सारंगपुर स्कूल में तीन, तिवाला स्कूल में छह व खेड़ी बूरा में छह कमरे पूरी तरह जर्जर हो गए हैं। संवाद
- इन स्कूलों के भवन भी नहीं सही
शहर स्थित राजकीय कन्या प्राइमरी स्कूल में आठ व ढाणी गुजरान में एक कमरा जर्जर हाल में है। मंदोला में दो, आदमपुर दाढी में एक, खोरड़ा में तीन व डूडीवाला किशनपुरा में एक कमरा बच्चों को डरा रहा है। प्राइमरी स्कूल बौंदखुर्द में छत और फर्श को मरम्मत की दरकार है। समसपुर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में तो 14 कमरे असुरक्षित हैं। पातुवास में तीन कमरे व दीवार निर्माण के इंतजार में हैं।
- नीमली, कमोद, रानीला व फतेहगढ़ गांव के स्कूल भी जोह रहे मरम्मत की बाट
गांव नीमली में दो कमरे व छत, कमोद स्कूल में 12 कमरे जर्जर घोषित किए जा चुके हैं। राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल रानीला में तीन कमरे असुरक्षित घोषित हैं। तीन की मरम्मत की जरूरत है। फतेहगढ़ में दो कमरे व हॉल, डोहकी में तीन व चरखी प्राइमरी स्कूल में छह कमरे बदहाल हैं। दो कमरों का निर्माण अधूरा पड़ा है।


- कहीं छत टूटी तो कहीं शौचालय बदहाल
गांव मिर्च में दो कमरे असुरक्षित हैं। शौचालय उपयोग के लायक नहीं है। गांव लांबा में पांच कमरे जर्जर है। इनकी छत भी टूटी है। कोहलावास में दो कमरे व दो की छत खराब है। सांवड़ प्राइमरी स्कूल में दो कमरे व इसी राजकीय कन्या प्राइमरी स्कूल में तीन कमरे जर्जर हाल में हैं। गांव हिंडोल का पूरा भवन ही जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है। गांव मिसरी में 10 कमरे व शौचालय खराब हैं। जयश्री स्कूल का पूरा भवन बदहाल है। पांच कमरे, वाटर टैंक खराब हैं। यहां दिव्यांग रैंप की भी जरूरत है। सांजरवास प्राइमरी कन्या स्कूल में सात कमरे असुरक्षित हैं। फोगाट स्कूल में दो कमरे व दो स्टोर असुरक्षित हैं जबकि सांकरोड में चार कमरे क्षतिग्रस्त हैं।
- लोहरवाड़ा गांव का पूरा स्कूल भवन असुरक्षित
राजकीय प्राइमरी स्कूल लोहरवाड़ा का पूरा भवन असुरक्षित है। इसी गांव के हाईस्कूल में आठ कमरे व चहारदीवारी जर्जर हाल में है। पूरे भवन की मरम्मत की जरूरत है। बिगोवा प्राइमरी स्कूल में तीन कमरे जर्जर हैं तो दरवाजे और खिड़कियां टूटी हैं। प्राइमरी स्कूल इमलोटा में आठ कमरे, रावलधी स्कूल एक कमरा, भागवी स्कूल में पांच कमरे दयनीय हाल में हैं। प्राइमरी स्कूल ढाणी फोगाट के स्कूल को भी मरम्मत की दरकार है। इसी प्रकार, मालकोष स्कूल में चार कमरे जर्जर हैं। इन सभी स्कूलों का भवन और कमरे चार साल से बदहाल हैं।
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वर्सन
जैसे ही बजट आता है, स्कूलों में कमरों का निर्माण कराया जाता है। नए भवन भी बनाए जा रहे हैं। कई स्कूलों में भवन निर्माण कार्य शुरू कर रखा है। विभाग आधारभूत ढांचा के प्रति सजग है।

-जयवीर सिंह, कनिष्ठ अभियंता, शिक्षा विभाग
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