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Charkhi Dadri News: दो माह में 44 प्रतिशत पानी के सैंपल आए फेल

Sun, 04 Jun 2023 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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चरखी दादरी। जिले के कई हिस्सों में पेयजल पीने लायक नहीं है। पिछले दो महीने में 270 सैंपल की जांच की गई हैं जिनमें लगभग 44 प्रतिशत सैंपल फेल मिले हैं। अकेले शहर की बात करे तो विभाग ने जांच के लिए 130 सैंपल लिए हैं और इनमें से 59 फेल पाए गए हैं। ऐसे में स्पष्ट है कि जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से आपूर्ति किए जा रहे पानी की गुणवत्ता सही नहीं है।
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सरकार के निर्देशानुसार विभाग को हर महीने लगभग 300 सैंपल की जांच करवानी होती है लेकिन पिछले दो महीने में मात्र 270 सैंपल की जांच करवाई गई है। अगले महीने मानसून शुरू होने पर बैक्टीरिया की तादाद बढ़ने की भी आशंका है। शहर में लाइनें लीक होने की वजह से पेयजल लाइनों में दूषित पानी मिक्स हो रहा है। इससे स्पष्ट हो रहा है कि जनस्वास्थ्य विभाग बैक्टीरिया युक्त पानी लोगों को बीमारियां सौंप रहा है।


बता दें कि जिले में अलग-अलग चार सब डिवीजन बनाए हुए हैं। सरकार ने प्रत्येक सबडिवीजन से प्रति माह 75 पानी के सैंपल की जांच करवाने के आदेश दिए हुए हैं। पिछले दो महीनों में 600 पानी के सैंपल की बैक्टीरिया जांच होनी थी जो मात्र 270 सैंपल की जांच हुई। इनमें भी 119 सैंपल फेल पाये गए हैं। बावजूद इसके विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी पानी की सैंपलिंग में बिल्कुल रुचि नहीं दिखा रहे हैं जबकि अधिकारियों के पास सैंपल फेल की रिपोर्ट की जानकारी भी है। विभाग के पास लगातार दूषित पेयजल की शिकायतें भी आ रही हैं। संवाद
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- इन जल स्रोत से नहीं लिए गए सैंपल
विभाग की ओर से घरों से तो दूर अभी तालाब, बोर, ट्यूबवेल और पानी के अन्य स्रोतों के भी सैंपल नहीं लिये गए हैं। हैरानी की बात ये है कि इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी तक नहीं लगाई गई है। अगर यही हालात रहे तो क्षेत्र में डायरिया मरीजों की संख्या बढ़ सकती है।





- 45 फीसदी शहरी क्षेत्र का पानी नहीं पीने लायक
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार शहर का 45 प्रतिशत हिस्से में पानी पीने लायक नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार सब डिवीजन एक और सब डिवीजन दो शहर की सप्लाई को देखता है। सब डिवीजन एक में 70 पानी के सैंपल की जांच की गई है जिनमें 29 सैंपल फेल पाये गए। सब डिवीजन नंबर 2 में 60 सैंपल की जांच हुई है जिनमें 30 सैंपल फेल पाए गए हैं। शहर में सीवरेज और बारिश के पानी की निकासी नहीं होने की वजह से पानी मिक्स भी हो रहा है। अगर सैंपलिंग बढ़ाई जाए तो अन्य एरिया से भी सैंपल फेल मिल सकते हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों का भी यही हाल है।



बाढड़ा के 52 में से 25 सैंपल फेल
सब डिवीजन नंबर 3 बाढ़ड़ा की पानी की जांच रिपोर्ट अच्छी नहीं है। बाढड़ा की सैंपलिंग दो महीने में मात्र 52 हो पाई है इनमें भी 25 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव पाई गई है। ऐसे हालात में भी बाढड़ा सब डिवीजन के अधिकारी एवं कर्मचारी गंभीर नहीं है। इसके अलावा सबसे अधिक सैंपलिंग झोझूकलां सब डिवीजन की हुई है। दो महीने में 120 पानी के सैंपल की जांच हुई जिनमें 45 सैंपल की रिपोर्ट फेल पाई की गई।



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सब डिवीजन का नाम - कुल सैंपल - फेल सैंपल



सब डिवीजन-1 - 70 - 29

सब डिवीजन-2 - 60 - 30

सब डिवीजन बाढड़ा - 52 - 25
सब डिवीजन झोझू - 120 - 45



कुल - 270 - 119

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अलग-अलग पानी के स्रोतों से प्राप्त पानी के सैंपल की जांच करनी होती है। हर महीने 300 सैंपल लेने होते हैं। पिछले दो महीने में हमारे पास 270 सैंपल आए हैं जिनमें 119 सैंपल फैल पाए गए हैं।
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-सुधीर कुमार, वैज्ञानिक, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी प्रयोगशाला



इस बारे में जेई एवं अन्य कर्मचारियों को सैंपलिंग बढ़ाने के आदेश दे दिये हैं। गत बुधवार उनकी मीटिंग भी ली है।
-सोहनलाल, एसडीओ, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग
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