जिला में कोरोना के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने कोविड अस्पताल को फिर से शुरू कर दिया है। यहां विभाग ने पहले की तरह तमाम इंतजाम किए हैं। कोरोना नोडल अधिकारी डॉक्टर गौरव भारद्वाज ने बताया कि यहां केवल उन्हीं संक्रमितों को रखा जाएगा, जिनके पास होम आइसोलेशन के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं है या फिर किसी संक्रमित में अधिक लक्ष्ण हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर का पूरा भवन सेनिटाइज करवा दिया गया है।
कोविड अस्पताल से 27 जनवरी को अंतिम संक्रमित को होम आइसोलेट कर दिया गया था। चार दिन बाद उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। जिला स्वास्थ्य विभाग ने एक फरवरी को दादरी को कोरोना मुक्त घोषित कर दिया था। इसके बाद मार्च में कोरोना के मामले दोबारा सामने आने शुरू हो गए। यह दौर अप्रैल में भी जारी है। गत चार अप्रैल को एक ही दिन में 12 लोग संक्रमित मिले हैं जो इस साल एक दिन में सर्वाधिक संख्या है। एक ही दिन में 12 लोगों कोरोना संक्रमित करीब छह माह बाद मिले हैं।
दादरी जिला कोरोनामुक्त होने के बाद कॉलेज रोड पर बनाए गए कोविड अस्पताल से वेंटिलेटर और कुछ जरूरी संसाधन सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिए गए थे। यहां 13 बेड की सुविधा हैं। अब स्वास्थ्य विभाग ने कोविड अस्पताल को दोबारा से शुरू कर दिया है।
35 दिन में मिले 64 संक्रमित
दादरी जिले में एक मार्च से लेकर चार अप्रैल तक 64 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं, जबकि 20 ने कोरोना को मात दी है। इस समयावधि में रिकवरी रेट कम रहा है। पांच अप्रैल की शाम तक जिले में 44 केस सक्रिय थे।
ये किए कोविड अस्पताल में इंतजामात
जिला कोरोना नोडल अधिकारी डॉक्टर गौरव भारद्वाज ने बताया कि पूरे भवन को सेनिटाइज करवा दिया गया है। यहां मेडिकल ऑफिसर, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स से लेकर गार्ड और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तक तैनात कर दिए गए हैं। यहां कर्मचारी रोटेशन में ड्यूटी देंगे। उन्होंने बताया कि यहां करीब 30 सदस्यीय स्टाफ तैनात है। उन्हीं संक्रमित कों यहां रखा जाएगा जिनके घरों में या तो संक्रमित के लिए अलग से कमरे का प्रबंध नहीं है या फिर लक्षण ज्यादा हो। यहां आठ स्टाफ नर्स, तीन एमओ और 14 विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
सैंपल लेने में छठे नंबर पर दादरी जिला
सैंपल लेने के मामले में दादरी जिला प्रदेश में छठें नंबर पर है। मार्च की अगर बात करें तो अप्रैल में सैंपलिंग तेज कर दी है। मार्च माह एक दिन की औसतन सैंपलिंग 400 पर अटकी हुई थी जबकि अब 500 पार है। पीजीआई के अलावा बीपीएस खानपुर से भी सैंपलों की जांच की अनुमति मिली हुई है।