शहर के दूषित पानी के प्रबंधन की समस्या से पार पाने में जन स्वास्थ्य विभाग पिछले पांच सालों में नाकाम रहा है। इस बार भी समसपुर एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) का टैंक ओवरफ्लो हो गया है, जिसके चलते करीब 400 एकड़ में खड़ीं फसलें जलमग्न हो चुकी हैं और दूषित पानी का बहाव भागवी और कालियावास के खेतों की तरफ जारी है। एसटीपी से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित समसपुर बिरोहड़ मुख्यमार्ग पर भी एक किलोमीटर की दूरी में दो फीट तक पानी भर गया है, जिसमें दुपहिया वाहन बंद पड़ रहे हैं।
शुक्रवार सुबह साढ़े 11 अमर उजाला टीम पहले एसटीपी और फिर खेतों और समसपुर-बिरोहड़ रोड पर भरे पानी का जायजा लेने पहुंची। इस दौरान सड़क पर भरे पानी में कई दुपहिया वाहन बंद मिले और चालक खींचकर वाहन पानी से बाहर निकालते मिले। यहां से प्रतिदिन गुजरने वाले वाहन चालकों ने बताया कि वीरवार शाम से ही सड़क पर पानी भरा हुआ है और दूषित पानी का बहाव भागवी और कालियावास गांव के खेतों की ओर जारी है। वहीं, एसटीपी पर भी मोटर चलती मिली।
मोटर बंद करने पर शहर में हो जाएगा सीवर ओवरफ्लो, चलाने पर खेतों में पानी का बहाव जारी
लंबे समय से शहर के दूषित पानी के प्रबंधन की समस्या बनी हुई है। शहर में सीवर लाइनों के मैनहोल के ढक्कन तक दूषित पानी का स्तर पहुंचा हुआ है। एसटीपी से आगे पानी पहुंचाने के लिए तैयार किया गया ड्रेन नंबर 8 पाइप लाइन प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। अगर विभाग एसटीपी की मोटर अब बंद कर देता है तो शहर में सीवर ओवरफ्लो की स्थिति बन जाएगी। मोटर चलाने पर एसटीपी से आगे पानी का बहाव खेतों की ओर जारी है।
37 करोड़ का प्रोजेक्ट दिलाएगा निजात, अभी चल रही टेंडर प्रक्रिया
जनस्वास्थ्य विभाग ने समसपुर एसटीपी से छुछकवास ड्रेन नंबर 8 तक करीब 35 किलोमीटर लंबी लोहे की पाइप लाइन दबाने की योजना तैयार कर रखी है। इस पर करीब 37 करोड़ रुपये लागत आनी है और अधिकारी इस प्रोजेक्ट को समस्या का स्थायी समाधान बता रहे हैं। इसे सिरे चढ़ाने के लिए विभाग ने टेंडर आमंत्रित किए हैं और अधिकारियों को दावा है कि जल्द अलॉटमेंट प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू करवा देंगे।
25 एमएम बारिश ने बढ़ाई और समस्या
वीरवार को करीब आधे घंटे तक हुई 25 एमएम बारिश चलते सीवर लाइनों में पानी का दबाव बढ़ गया, जिसके चलते एसटीपी की मोटर लगातार चलानी पड़ी। दूसरी ओर एसटीपी का एक टैंक एनएच-152 डी में अधिग्रहित होने से स्टोरेज क्षमता कम रह गई है और बचा एक टैंक ओवरफ्लो कर रहा है।
देर शाम डीसी ने लिया जायजा
एसटीपी टैंक से पानी ओवरफ्लो खेतों की ओर बढ़ने की सूचना पर डीसी शिवप्रसाद शर्मा ने भी वीरवार देर शाम जायजा लिया। डीसी पहले एसटीपी और फिर जलभराव का जायजा लेने खेतों की ओर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन को समाधान के निर्देश दिए।
किसान बोले: पांच साल से फसलें हो रहीं खराब, नहीं मिला मुआवजा
समसपुर निवासी किसान रामरत्न, मुकेश, अनिल, सोमबीर, दीपक, रामनारायण, बिल्लू, प्रीतम, सतपाल और जोगेंद्र ने बताया कि उनके खेते एसटीपी और समसपुर बिरोहड़ रोड के बीच में हैं। एसटीपी का पानी पिछले पांच साल से खेतों में भरा रहा है और फसलें खराब हो जाती हैं। अब तक एक बार भी उन्हें खराब फसलों का मुआवजा नहीं मिला है। इस साल फिर से अधिकारियों के लापरवाही ने उनकी फसलों को खराब कर दिया।
ड्रेन नंबर आठ पाइप लाइन प्रोजेक्ट समस्या का स्थायी समाधान है और जल्द इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने का हम प्रयास कर रहे हैं। मौके का जायजा ले चुके हैं और व्यवस्था बनाने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। -शशिकांत, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।