दादरी की अनाज मंडी में लगी बाजरा से भरे ट्रैक्टर-ट्रालियों की कतार।
चरखी दादरी। दादरी जिले में शनिवार को बाजरा खरीद सीजन का अंतिम दिन रहा और पूरी मंडी सुबह से शाम तक किसानों की भीड़ से भरी रही। वहीं इस सीजन में बाजरा खरीद का चार साल का रिकॉर्ड टूट गया। कुल मिलाकर जिले में 6,74,931 क्विंटल बाजरे की निजी खरीद पूरी हुई, जो पिछले 4 वर्षों की तुलना में सबसे अधिक है।
फसल लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें सुबह ही मंडियों के बाहर लगनी शुरू हो गई थीं। अंतिम दिन खरीद करवाने की चिंता में किसान भारी संख्या में मंडियों में उमड़े और पूरे जिले में दिनभर खरीद तेज रफ्तार से चलती रही। अंतिम दिन जिले की तीन मंडियों में 164 किसानों के जरिए बाजरे की 6 हजार 416 क्विंटल की आवक हुई तथा निजी फर्माें ने 12 हजार क्विंटल की खरीद की।
इस बार किसानों ने रिकॉर्ड मात्रा में बाजरा बेचा है। पिछले कुछ दिनों से पोर्टल की धीमी स्पीड, खरीद में सुस्ती और बार-बार सिस्टम फेल होने की शिकायतें मिल रहीं थीं, उसके बाद मंडी में खरीद ज्यादा हुई है। शुक्रवार को पोर्टल बंद होने के बाद शेष करीब 50 ट्रैक्टरों को मंडी परिसर के अंदर करवाया और इनकी खरीद शनिवार को की गई।
जे-फाॅर्म व भावांतर योजना का प्रभाव
इस बार राज्य सरकार ने बाजरा खरीद के साथ जे-फाॅर्म भरने के बाद भावांतर भरपाई योजना का लाभ देने की शर्त रखी थी। योजना का लाभ उसी किसान को मिलेगा, जिसकी फसल पंजीकृत मंडी में ही बेची जाएगी। यही कारण है कि अंतिम दिनों में किसानों की भीड़ ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई। भावांतर योजना से किसानों को बाजार भाव और एमएसपी के अंतर की भरपाई मिलनी है, जिसके चलते किसानों की रुचि अत्यधिक बढ़ गई।