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Charkhi Dadri News: एक साल में मिले चार कुष्ठ रोगी, दो हुए ठीक, दो का उपचार जारी

Sat, 25 Jan 2025 10:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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स्वास्थ्य:
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अमर उजाला विशेष:

- कुष्ठ रोगियों का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए जा रहे शिविर, वर्ष 2023 में एक तो वर्ष 2024 में मिले चार केस



संवाद न्यूज एजेंसी

चरखी दादरी। जिले में एक साल में स्वास्थ्य विभाग को 4 कुष्ठ रोगी मिले हैं। इनमें से दो मरीज ठीक हो चुके हैं जबकि दो का उपचार अभी जारी है। वर्ष 2024 में विभाग ने शहर में शिविर लगाकर 23,612 लोगों की जांच की। हालांकि, इनमें से कोई भी पॉजीटिव नहीं मिला। वहीं, वर्ष 2023 में जिले के अंदर एक कुष्ठ रोगी मिला था।



जिले में कुष्ठ रोगियों की पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर एडवाइजरी जारी करता है। विभाग को चार मरीज पिछले एक साल के दौरान मिले। इन मरीजों को केवल दाग से संबंधित परेशानी थी। खास बात यह है कि सरकार की ओर से कुष्ठ रोगियों को निशुल्क उपचार दिया जा रहा है। अगर किसी मरीज को सर्जरी की जरूरत पड़े तो वह भी निशुल्क कराने का प्रावधान है।
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चिकित्सक के अनुसार, बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच करवानी चाहिए। अगर समय पर इसका उपचार न कराया जाए तो यह बीमारी भविष्य में व्यक्ति को अपंग बना सकती है। ऐसी स्थिति में उपचार एक साल से अधिक समय तक चल सकता है।

- अभियान के दौरान मिले 75 संदिग्ध

विभाग की ओर से गत वर्ष शहर में डोर-टू-डोर अभियान चलाया गया। साथ ही लोगों की जांच की गई। शहर में 23,612 लोगों की जांच की। इनमें से 75 लोग संदिग्ध मिले। टीम ने सभी संदिग्धों के सैंपल लेकर जांच करवाई, लेकिन, इनमें से कोई भी पॉजीटिव केस सामने नहीं आया। उसी दौरान विभाग ने हाई रिस्क के तहत आने वाले 89 गांव भी कवर किए और लोगों को जागरूक किया।



- दो प्रकार का होता है कुष्ठ रोग

कुष्ठ रोग दो प्रकार का होता है। इसमें एक है पॉसीबेसिलरी लैप्रॉसी यानी पीबी। यह रोग कम समय में ठीक हो जाता है। इसकी उपचार अवधि छह माह तक रहती है। दूसरा है एमटी यानी मल्टीड्रग थैरेपी। यह रोग लंबे समय में ठीक होता है। इसका उपचार भी एक साल तक चलता है।
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- ये हैं कुष्ठ रोग के लक्षण



- पंजों में कमजोरी आना।

- हाथों की अंगुलियों में कमजोरी होना।



- शरीर पर सुन्न दाग होना।

- दाग में लाली या सूजन होना, खुजली होना।



- नसों में सूजन, दर्द व झनझनाहट होना।

- आंखें बंद करने में परेशानी।



वर्सन



विभाग की ओर से समय-समय पर शिविर लगाकर जांच की जाती है। फिलहाल, जिले में दो कुष्ठ रोगियों का उपचार चल रहा है। इनकी स्थिति सामान्य है। विभाग समयानुसार मरीजों की जांच कर जिला को कुष्ठ रोग मुक्त करने के प्रयास में है।

-डॉ. संदीप कुमार, जिला कुष्ठ रोग नोडल अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग



फोटो- 14

शहर स्थित घर में जाकर पूछताछ करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। संवाद



फोटो- 15

अभियान की तैयारी के लिए बैठक करते चिकित्सक व स्टाफ नर्सें। संवाद
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