चरखी दादरी। जिले की नहरों में 350 क्यूसेक पानी शनिवार को पहुंच गया है। पानी की मात्रा सोमवार तक बढ़ जाएगी। इस बार के लिए सिंचाई विभाग ने 850 क्यूसेक पानी का मांगपत्र भेजा था। हालांकि अब पानी नहरों में पहुंचने से जलघरों को भरा जा सकेगा तो वहीं किसान भी रबी की फसलों की दूसरी सिंचाई कर सकेंगे। अभी 70,000 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों की सिंचाई की जरूरत है। पानी पहुंचते ही विभागीय अधिकारियों ने नहरों और जलघरों का निरीक्षण शुरू कर दिया है।
जिले के 172 गांवों में 60 जलघरों के जरिये पेयजल आपूर्ति की जाती है। सभी जलघर नहरों से ही भरे जाते हैं। रबी की फसलों की दूसरी सिंचाई समेत शहर और गांवों के जलघरों में भी पानी की जरूरत है। यह जलघर गांव घसोला, मंदोला, कलियाणा, जावा, चांगरोड़, दातोली, ढाणी फौगाट, चिड़िया, पांडवान, जावा, पालड़ी, मिसरी, बौंदकलां, अचीना, रानीला, इमलोटा, चरखी, पैंतावास, झोझूकलां, मंदोला, घिकाड़ा, सांवड़ और सांजरवास आदि गांवों में बने हैं।
दूसरी ओर नहरों में छह जनवरी को पानी पहुंच गया है। इस समय लोहारू केनाल में पानी चल रहा है। पानी की मात्रा बढ़ने पर बधवाना नहर में भी छोड़ा जाएगा। जिले की नहरों में 16 दिन तक पानी चलेगा। पानी पहुंचते ही विभाग अधिकारियों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। पानी की चोरी रोकने के लिए नहरों की निगरानी की जा रही है। हर क्षेत्र के बेलदार, जेई और एसडीओ सक्रिय हैं। सिंचाई विभाग ने 16 दिन में सभी जलघरों में पानी भरने की तैयारी की है। किसान भी फसलों की सिंचाई का इंतजार कर रहे हैं।
अभी नहरों में 350 क्यूसेक पानी चल रहा है। सोमवार तक पानी बढ़ जाएगा। लोहारू केनाल में पानी छोड़ा गया है। सभी जलघरों में पानी डाला जाएगा। इसके लिए कर्मचारियों को सतर्क कर दिया गया है। - कमल वर्मा, एसडीओ, सिंचाई विभाग, चरखी दादरी।