चरखी दादरी/बौंदकलां। जिले के 33 प्रतिशत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मेडिकल ऑफिसर के पद खाली पड़े हैं। इतना ही नहीं, तीन में तो फार्मासिस्ट तक तैनात नहीं हैं। यहां मरीजों को परामर्श से लेकर दवाएं तक स्टाफ नर्सें दे रही हैं। एमओ और अन्य स्टाफ की कमी का असर केंद्रों की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है।
दादरी जिले में 12 प्राथमिक स्वास्थ्य और तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। बौंदकलां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीन आने वाले रानीला, इमलोटा और अचीना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मेडिकल ऑफिसर और फार्मासिस्ट के पद खाली पड़े हैं। इन तीनों केंद्रों पर स्टाफ नर्स मरीज की स्वास्थ्य जांच के साथ दवाएं भी दे रही हैं।
इसी प्रकार, गोपी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीन आने वाले माईकलां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी मेडिकल ऑफिसर का पद खाली है। इसके अलावा, मानकावास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एमओ तो तैनात हैं, लेकिन, उनके पास डिप्टी सीएमओ का चार्ज होने के कारण वह सभी कार्यदिवस में यहां मरीजों को अपनी सेवाएं नहीं दे पा रहे हैं।
फिलहाल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर बनी मेडिकल ऑफिसर और अन्य स्टाफ की कमी जल्द से जल्द दूर करने की आवश्यकता है। ताकि, मरीजों को परेशानियों से दो-चार न होना पड़े।
- एमओ के करीब 38 पद खाली
दादरी जिले में चिकित्सा अधिकारी (एमओ) के 38 पद खाली हैं। जिले में स्वीकृत एमओ के 95 पदों के सापेक्ष मात्र 57 की ही तैनाती है। एमओ की कमी से जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में एक भी चिकित्सक तैनात नहीं हैं। यहां दूसरे अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों की क्रमवार ड्यूटी लगाकर जैसे-तैसे काम चलाया जा रहा है। इससे चिकित्सीय सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
- प्रतिदिन 100 से अधिक मरीज किए जाते हैं रेफर
पीएचसी और सीएचसी के अलावा नागरिक अस्पताल में भी स्टाफ की कमी बनी है। सबसे अधिक परेशानी विशेषज्ञों के पद खाली होने से आ रही है। इन पदों के खाली होने के कारण प्रतिदिन 100 से अधिक मरीज रोहतक पीजीआई या अन्य शहरों में रेफर किए जाते हैं।
जिले में चिकित्सकों की तैनाती के लिए उच्च अधिकारियों के पास मांगपत्र भेज चुके हैं। चिकित्सक मिलते ही सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनाती कर कमी दूर कर दी जाएगी। तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे काम चलाया जा रहा है।
-डॉ. आशीष मान, डिप्टी सीएमओ, चरखी दादरी