चरखी दादरी। रोहतक रोड रेलवे क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का काम अब रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। लंबे समय से पुरानी पेयजल और सीवर लाइनों की शिफ्टिंग के कारण प्रभावित हो रहे आरओबी निर्माण को लेकर लोक निर्माण विभाग और जनस्वास्थ्य विभाग के बीच चल रही खींचतान भी समाप्त हो गई है।
लोक निर्माण विभाग ने लाइन शिफ्टिंग के लिए जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयार किए गए संशोधित एस्टीमेट की बकाया 3.22 करोड़ रुपये की राशि जमा करवा दी है। राशि जमा होने के बाद अब संबंधित लाइनों की शिफ्टिंग का काम आगे बढ़ाया जा सकेगा और आरओबी निर्माण में तेजी आने की संभावना है।
गौरतलब है कि रोहतक रोड रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी का निर्माण लंबे समय से चल रहा है। निर्माण के दौरान रास्ते में पुरानी पेयजल और सीवर लाइनें आने के कारण इन्हें दूसरी जगह शिफ्ट करना जरूरी था। शुरुआत में जनस्वास्थ्य विभाग ने इन लाइनों को बदलने और शिफ्ट करने के लिए करीब एक करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया था।
इसके बाद मौके पर लाइनों की संख्या और वास्तविक स्थिति सामने आने पर विभाग ने दोबारा संशोधित एस्टीमेट तैयार किया। इसमें लाइन शिफ्टिंग का खर्च बढ़कर करीब 4.23 करोड़ रुपये हो गया। एस्टीमेट की राशि में बढ़ोतरी के बाद दोनों विभागों के बीच भुगतान को लेकर बातचीत चलती रही। इस दौरान लाइन शिफ्टिंग का काम प्रभावित रहा और इसका असर आरओबी निर्माण की गति पर भी पड़ा।
अब दोनों विभागों के बीच हुई लंबी वार्ता के बाद लोक निर्माण विभाग ने पहले जमा करवाई गई राशि के अलावा बची हुई 3.22 करोड़ रुपये की रकम जनस्वास्थ्य विभाग में जमा करवा दी है। इससे लाइन शिफ्टिंग के काम को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
लाइनें शिफ्ट होने के बाद आगे बढ़ेगा निर्माण
पुरानी पेयजल और सीवर लाइनों की वजह से आरओबी के निर्माण कार्य के कुछ हिस्सों में काम करने में दिक्कत आ रही थी। अब बकाया राशि जमा होने के बाद जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से लाइनों को शिफ्ट करने का कार्य कराया जाएगा। लाइनें हटने के बाद लोक निर्माण विभाग को निर्माण कार्य को गति देने में आसानी होगी।
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धीमी रफ्तार से रोजाना लग रहा जाम
रोहतक रोड रेलवे क्रॉसिंग शहर के प्रमुख मार्गों में शामिल है। आरओबी निर्माण के कारण यहां यातायात व्यवस्था पहले से प्रभावित है। निर्माण कार्य धीमी गति से चलने और सड़क पर वाहनों का दबाव अधिक होने के कारण पीक समय में जाम की स्थिति बन जाती है। रेलवे फाटक के आसपास दोनों तरफ वाहनों की कतार लगने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों, कर्मचारियों और शहर के दूसरे हिस्सों से आने-जाने वाले लोगों को भी रोजाना जाम से जूझना पड़ता है।
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जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से रोहतक रेलवे फाटक से पेयजल और सीवर लाइनें शिफ्टिंग के लिए दोबारा बनाए गए संशोधित एस्टीमेट की राशि जमा करवा दी गई है। मानसून के कुछ दिन बचे हुए है, इसके बाद लाइन शिफ्टिंग का कार्य शुरू होने की संभावना है।
- गुरचरण सिंह, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग