चरखी दादरी। गोवंश को लंपी वायरस से बचाने के लिए पशुपालन विभाग ने वैक्सीनेशन शुरू कर दिया है। जिले में 38 हजार गोवंश का वैक्सीनेशन किया जाना है। वहीं, जिले में 13 गोशालाएं पंजीकृत हैं, जिनमें पशुपालन विभाग की टीमें पहुंचेंगी।
लंपी वायरस की आशंका को देखते हुए विभाग के डिप्टी डायरेक्टर ने जिले के विभिन्न भागों का दौरा कर जायजा भी लिया है। बता दें कि गत वर्ष लंपी वायरस की वजह से काफी संख्या में गायों की मौत हो गई थी। पिछले साल भी इसी मौसम में इस वायरस का प्रकोप बना था। अब फिर से वायरस की आशंका को देखते हुए विभाग अभी से सतर्क हो गया है। इस बार पहले ही वैक्सीन मंगवा ली गई हैं। जिले में 38 हजार वैक्सीन पहुंच चुकी है। विभाग ने गायों को वैक्सीन लगाने का काम शुरू कर दिया है। जिले में गोशालाओं का संचालन गोशाला समितियां कर रही हैं।
विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. जसवंत जून ने वायरस की आशंका को देखते हुए बाढड़ा, बेरला व पिचौपा खुर्द का दौरा कर रोग के बारे में जानकारी ली। ग्रामीणों व पशुपालकों से बातचीत की और उन्हें सावधानी बरतने को कहा ताकि रोग पर समय रहे नियंत्रण पाया जा सके।
- गांवों और गोशालाओं में पहुंचेंगी टीमें
डॉ. जून ने बताया कि गाय को यह रोग होने पर उसे अलग रखा जाए और विभाग को इसकी सूचना दें। इस रोग में शरीर पर हल्के धब्बे दिखाई देने लगते हैं। पशु खाना-पीना भी बंद कर देता है। शरीर का तापमान भी बढ़ जाता है। विभाग ने इसके लिए जिला भर में 31 टीमें बनाई हैं। ये टीमें वैक्सीनेशन भी कर रही हैं। गांवों व गोशालाओं में जाकर जायजा भी लिया जा रहा है। गोशाला प्रबंधकों को भी आवश्यक हिदायतें दी गई हैं।
विभाग रोग से निपटने के लिए सतर्क है। वैक्सीन लगाने का काम शुरू कर दिया है। गोशालाओं की निगरानी रखी जा रही है। 38 हजार वैक्सीन पहुंच चुकी हैं। गोपालक रोग के लक्षण पाए जाने पर विभाग को सूचित करें। जिला में 31 टीमें बना दी हैं।
-डॉ. जसवंत जून, डिप्टी डायरेक्टर, पशुपालन विभाग