जिले में मिल चुके है डेंगू के 9 और मलेरिया के 7 केस, डोर-टू-डोर स्वास्थ्य जांच अभियान के दौरान सामने आए डेंगू मरीज
-16,64,607 घरों की जांच कर चुकीं स्वास्थ्य विभाग की टीमें, 1823 जगहों पर मिले लारवा
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। नियमित अंतराल पर हो रही बारिश से जिले में डेंगू और मलेरिया के केस बढ़ने लगे हैं। पिछले पांच दिनों की बात करें तो डेंगू के 3 और मलेरिया का 1 नया मामला सामने आया है। इसके बाद डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है जबकि मलेरिया पॉजिटिव केस की संख्या 7 हो गई है।
डेंगू और मलेरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग ने डोर-टू-डोर स्वास्थ्य जांच की मुहिम चलाई। 10 सितंबर तक के आंकड़ें देखें तो 2500 लोगों में बुखार के लक्षण मिले। विभाग ने इन विभिन्न क्षेत्रों में दवा के छिड़काव के साथ फॉगिंग करवाने के आदेश दिए। ताकि, बुखार के मरीजों की संख्या में और बढ़ोतरी न हो।
वहीं, विभाग की टीमें लगातार शहर और गांवों में पहुंचकर लारवा की जांच कर रही हैं। टीमें अब तक 16,64,607 घरों की जांच कर चुकी हैं। 1823 जगहों पर लारवा पाए गए। रैपिड सर्वे के तहत 1,03,831 घरों मेंं स्वास्थ्य जांच के दौरान 2462 लोगों में बुखार के लक्षण पाए गए। स्वास्थ्य विभाग ने बुखार के 434 संदिग्ध लोगों की खून की जांच की। इस दौरान 9 डेंगू मरीज सामने आए।
- यहां मिले हैं डेंगू के मरीज
इस मौसम में शहर के गांधी नगर, रविदास नगर, लाधान पाना, एमसी कॉलोनी में एक-एक मरीज मिल चुके हैं। इसके अलावा भगत सिंह चौक के पास दो केस मिले थे। शहर के मेजबान चौक क्षेत्र समेत अचीना व मानकावास में डेंगू केस सामने आए।
- यहां मिल चुके हैं मलेरिया पॉजिटिव केस
शहर की पूर्ण बाग कॉलोनी, अनाज मंडी के पीछे स्थित कॉलोनी, अचीना, घिकाड़ा, शीशवाला व समसपुर गांव में 6 मलेरिया केस मिले थे। अब भागवी गांव में एक मामला सामने आया है। इस प्रकार जिले में इस मौसम में मलेरिया के 7 केस मिल चुके हैं।
-राहत : पिछले साल की अपेक्षा 27 गुना कम केस
स्वास्थ्य विभाग ने पिछले साल बुखार पीड़ित 895 लोगों के नमूनों की जांच की थी। उनमें से 250 डेंगू पॉजिटिव पाए गए थे। वहीं, इस वर्ष 12 सितंबर तक विभाग ने 434 लोगों के खून के नमूनों की जांच की तो 9 लोग डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। पिछले साल की तुलना में इस मौसम में डेंगू के 27 गुना मामले कम हैं।
- पांच हजार मलेरिया रैपिड किट भेजी गांवों में
लगातार बढ़ते बुखार के मरीजों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी पीएचसी और सीएचसी में पांच हजार रैपिड किट भेजी है। इसका मकसद यह है कि अधिक से अधिक लोगों की मलेरिया जांच की जा सके। वहीं, मलेरिया के मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी प्रभावित क्षेत्रों में डेल्टामैथरिन दवा का छिड़काव करने के आदेश भी दिए हैं। जहां मलेरिया केस मिलेगा उसके आस-पास 50 घरों में दवा का छिड़काव किया जाएगा।
वर्सन:
लोग अपने घरों में पानी जमा न होने दें। सप्ताह में एक बार घर में रखे पानी के बर्तनों को खाली कर धूप में सुखाएं। ऐसा करने से डेंगू और मलेरिया से बचाव संभव है। अब तक जिले में डेंगू के 9 और मलेरिया के 7 केस सामने आए हैं।
-डॉ. गौरव भारद्वाज, जिला नोडल अधिकारी (डेंगू और मलेरिया)
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सैनीपुरा मोहल्ले में घर के बाहर रखी पानी की टंकी में जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। संवाद
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पेड़ पर टंगे सकोरे में मिला लारवा दिखाता स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी। संवाद