सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ और सोनीपत के ध्यानार्थ
फोटाे 19
दादरी साइबर थाना पुलिस टीम की गिरफ्त में तीनों आरोपी। स्रोत: विभाग
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- मुख्य आरोपी सोनीपत का तो दो सह-आरोपी हैं उत्तर-प्रदेश के रहने वाले, रूदड़ोल निवासी युवक से क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर की थी ठगी
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी/झोझूकलां। रूदड़ोल गांव निवासी युवक को फर्जी लिंक भेजकर 99,861 रुपये की ठगी करने वाले तीन आरोपियों को दादरी साइबर थाना पुलिस टीम ने काबू किया है। आरोपी उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर निवासी हिमांशु, प्रतापगढ़ जिले के ढांढर निवासी हिमांशु कुमार व सोनीपत के निजामपुर माजरा निवासी योगेश कुमार हैं। उन्हें पुलिस ने कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है।
पुलिस प्रवक्ता योगेश कुमार ने बताया कि रूदड़ोल निवासी राजेश ने 4 मई को ठगी संबंधी एक शिकायत दी थी। इसमें बताया था कि 23 अप्रैल 2025 को उसके फोन नंबर पर एक महिला ने कॉल कर कहा कि वह आरबीएल बैंक से बात कर रही है।
उसने कहा कि आपके पास बैंक का एक क्रेडिट कार्ड है। इसकी लिमिट बढ़ाने का ऑफर आया हुआ है। क्रेडिट कार्ड की लिमिट 3 से 5 लाख रुपये कर दी जाएगी। क्रेडिट कार्ड का बकाया 5900 रुपये का बिल भी माफ हो जाएगा।
इसके बाद महिला ने लिंक भेजा और उसमें क्रेडिट कार्ड की सारी डिटेल भरने के लिए कहा। राजेश ने उस महिला के कहे अनुसार डिटेल लिंक में डाल दी और मोबाइल पर आया हुआ ओटीपी भी भर दिया। क्रेडिट कार्ड की डिटेल भरते ही कार्ड का एक्सेस महिला के पास चला गया।
महिला ने राजेश के क्रेडिट कार्ड से 99,861 रुपये निकाल लिए। फ्रॉड का पता चलने पर राजेश ने 1930 पर कॉल करके ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवा दी। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
- आरोपियों ने ऐसे की ट्रांजेक्शन
पुलिस जांच में सामने आया कि राजेश के क्रेडिट कार्ड से निकाली हुई राशि सोनीपत के गांव निजामपुर माजरा निवासी योगेश के खाते में ट्रांसफर की गई। इससे आगे 60, 20 व 17 हजार रुपये यूपीआई के माध्यम से उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर निवासी हिमांशु सिंह के पास भेजे गए।
किस आरोपी की कहां से हुई गिरफ्तारी
हेड कांस्टेबल राजपाल ने हिमांशु को उत्तर प्रदेश के शिवकुटी से गिरफ्तार किया। हिमांशु ने बताया कि फ्रॉड में उसके साथ ढांढर निवासी हिमांशु कुमार भी शामिल था। सह आरोपी हिमांशु कुमार को पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार किया। उसके बाद मुख्य आरोपी योगेश को उसके गांव से काबू किया गया।