जिले के तीनों केंद्रों पर वीरवार को हुई 2959 क्विंटल बाजरे की आवक, एजेंसी ने सुबह से शाम तक 3602 क्विंटल की कराई उठान
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी/बाढड़ा/झोझूकलां। जिले के तीनों केंद्रों पर वीरवार को 2959 क्विंटल बाजरे की आवक हुई। शाम तक 113 किसान मंडी पहुंचे और एजेंसी ने 2243 क्विंटल बाजरा खरीदा। वहीं, तीनों केंद्रों से एजेंसी ने 3602 क्विंटल बाजरे की उठान भी करवाई।
दादरी और बाढड़ा मंडी के अलावा झोझूकलां केंद्र पर बाजरे की खरीद सुचारु रूप से जारी है। अब तक तीनों खरीद केंद्रों पर 16,923 किसान अपना बाजरा लेकर पहुंच चुके हैं। इन किसानों के मंडियों में पहुंचने से 4.13 लाख क्विंटल बाजरे की आवक हुई है। इसमें से एजेंसी 3.89 लाख क्विंटल की खरीद कर चुकी है। वहीं, 3.48 लाख क्विंटल बाजरा अब तक मंडियों से गोदामों में पहुंच चुका है। फिलहाल, बाजरे की उठान प्रतिशत 89.24 है।
वीरवार की बात करें तो दादरी मंडी में 10, किसानों ने गेटपास कटवाए और 2648 क्विंटल बाजरे की आवक हुई। दादरी में एजेंसी ने 1577 क्विंटल बाजरा खरीदा। इसी प्रकार, बाढड़ा मंडी में 13 किसान पहुंचे और 311 क्विंटल बाजरे की आवक हुई। यहां एजेंसी ने 498 क्विंटल बाजरा खरीदा। झोझूकलां केंद्र पर एक भी किसान नहीं पहुंचा। एजेंसी ने वीरवार को यहां 168 क्विंटल बाजरे की खरीद की। इस प्रकार दादरी व बाढड़ा मंडी समेत झोझूकलां खरीद केंद्र पर 2243 क्विंटल बाजरे की खरीद की गई।
- तीनों केंद्रों से कराई गई उठान
वीरवार को दादरी मंडी से 2120 क्विंटल बाजरे की उठान की गई। इसी प्रकार, बाढड़ा मंडी से 652 क्विंटल बाजरा गोदामों तक पहुंचाया गया। झोझूकलां केंद्र पर वीरवार को 830 क्विंटल बाजरे की उठान की गई। ओवरऑल स्थिति देखें तो दादरी मंडी में 84.71, बाढड़ा मंडी में 99.86 और झोझूकलां केंद्र पर 93.29 प्रतिशत बाजरे की उठान हो चुकी है।
- 16,923 किसान कटवा चुके गेटपास
तीनों केंद्रों पर अब तक 16,923 किसानों ने गेटपास कटवाए हैं। अब तक की स्थिति देखें तो दादरी मंडी में कुल 10,039 किसान पहुंचे हैं। वहीं, बाढड़ा मंडी में 3739 और झोझूकलां केंद्र पर 3145 किसान अपना बाजरा बेचने पहुंचे हैं।
वर्सन:
वीरवार को तीनों केंद्रों पर 2959 क्विंटल बाजरे की आवक दर्ज की गई जबकि 2243 क्विंटल की खरीद की गई। तीनों केंद्रों से शाम तक 3602 क्विंटल बाजरे की उठान भी की गई।
-राजेश, परचेज मैनेजर, हैफेड
फोटो 25
दादरी मंडी से बाजरे की उठान करते श्रमिक। संवाद