चरखी दादरी। जिला पुलिस ने रविवार को 9 घंटे ऑपरेशन आक्रमण चलाया। इसके लिए 22 टीमें गठित की गईं, जिनमें 93 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। सुबह 5 बजे पुलिस टीमों की दबिश शुरू हुई और दोपहर दो बजे कार्रवाई खत्म गई। ऑपरेशन आक्रमण के तहत पुलिस टीमों ने 19 आरोपियों को काबू किया, जिनमें चार उद्घोषित अपराधी भी शामिल हैं।
पुलिस प्रवक्ता पवन कुमार के अनुसार अपराध नियंत्रण के लिए ऑपरेशन आक्रमण चलाया गया। पुलिस अधीक्षक नितिका गहलोत के मार्गदर्शन में 9 घंटे तक की गई ताबड़तोड़ कार्रवाई में विभिन्न आपराधिक मामलों में संलिप्त 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। ऑपरेशन आक्रमण की कमान तीनों डीएसपी अशोक कुमार, देशराज और सुभाषचंद्र ने संभाली।
सुबह पांच बजे पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश शुरू की। दोपहर दो बजे तक पुलिस टीमों ने 38 जगहों पर दबिश दी। 93 पुलिस कर्मचारियों इन जगहों पर न केवल अच्छे से तलाशी ली बल्कि आरोपियों को लेकर पूछताछ भी की।
- जानिये... किस अधिनियम के तहत कितने केस हुए दर्ज
ऑप्रेशन आक्रमण के तहत विभिन्न थानों में कुल 15 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें से आठ जुआ अधिनियम के तहत दर्ज हुए हैं। इसके अलावा 3 मामले में आबकारी अधिनियम के तहत, एक मामला सशस्त्र अधिनियम के तहत और तीन मामले धारा 174-ए के तहत केस दर्ज किए गए। इन मामलों मे कुल 19 आरोपी गिरफ्तार हुए, जिनमें चार उद्घोषित अपराधी भी हैं।
- ये हुई बरामदगी
ऑपरेशन आक्रमण के तहत जुआ अधिनियम के 8 मामलों में आठ आरोपियों को काबू कर उनसे 9,680 रुपये बरामद किए गए। इसी प्रकार आबकारी अधिनियम के तहत दर्ज तीन मामलों में तीन आरोपियों से देसी शराब की 39 बोतलें बरामद हुईं। सशस्त्र अधिनियम के तहत दर्ज किस में एक आरोपी से एक देसी पिस्तौल बरामद हुई।
- इनके नेतृत्व में बनाई गई टीमें
जिला पुलिस कप्तान के निर्देश पर डीएसपी हेड क्वार्टर अशोक कुमार, दादरी डीएसपी सुभाषचंद्र, बाढड़ा डीएसपी देशराज, सिटी एसएचओ राजकुमार, एसआई भीम सिंह, एएसआई नरेंद्र सिंह, साइबर थाना प्रभारी विशाल, एसआई कृष्ण, सदर एसएचओ तेजपाल सोनी, एएसआई संदीप, एसआई राजेश, बौंदकलां एसएचओ सुनील, एसआई दिलबाग सिंह, एएसआई राजकपूर, महिला थाना प्रभारी एसआई सोनिया, एसआई सन्नी, एएसआई परमवीर, एएसआई अजीत, एसआई जीतराम, एएसआई सुरेंद्र, एएसआई कप्तान सिंह, एसआई बलबीर, एएसआई रणबीर, स्पेशल स्टाफ प्रभारी बलवान, एसआई संदीप के नेतृत्व में 22 टीमें बनाई गईं।
जिले में अपराधियों के लिए कोई स्थान नहीं है। अपराधी अपराध छोड़ दें या फिर जिला। उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। युवाओं को नशीले पदार्थों के खतरे से बचाने के लिए मादक पदार्थ तस्करों व अवैध धंधे में शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस का ये अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा। अवैध हथियार, मादक पदार्थ, शराब की अवैध बिक्री समेत अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर खुफिया नेटवर्क नजर रख रहा है।
-अशोक कुमार, डीएसपी हेडक्वार्टर