चरखी दादरी। जिले में शुक्रवार को सुबह से लेकर दोपहर बाद तक बदरा खूब बरसे। करीब पांच घंटे तक कभी बूंदाबांदी तो कभी तेज बारिश हुई। शाम पांच बजे तक दादरी और बाढड़ा में 20 और 15 एमएम बारिश दर्ज की गई। शहर की अगर बात करें तो सीवर लाइनें इस बारिश के पानी का दबाव नहीं झेल पाई और गलियां व सड़कें तालाब बनी रही। शाम तक शहर के विभिन्न इलाकों से पानी की निकासी नहीं हो पाई और ऐसे में राहत के साथ यह बारिश आफत का कारण भी बनी। हालांकि बारिश को फसलों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है जबकि इसका स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
शुक्रवार को दादरी में 20 एमएम बारिश ने प्रशासन व विभाग के पुख्ता प्रबंधों के दावों की पोल खोलकर रख दी। शहर की सभी प्रमुख सड़कों और बाजार में जलभराव हो गया और इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कुछ मार्गों पर तो डेढ़ से दो फुट पानी भर गया और घंटों तक निकासी नहीं होने से लोग प्रशासन को कोसते नजर आए। हालांकि बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है और फसलों पर होने वाले फायदों से किसान खुश हैं।
शुक्रवार सुबह ही बूंदाबांदी शुरू हो गई और नौ बजे तो मेघा जमकर बरसने लगे। दोपहर करीब ढाई बजे तक कभी बूंदाबांदी हुई तो कभी तेज बारिश। जिले में सर्वाधिक बारिश दादरी व बाढड़ा में दर्ज की गई। बारिश के पानी से सीवर लाइनें व सभी नाले ओवरफ्लो हो गए और निकासी न होने के चलते लोगों ने दिक्कतें झेलीं। हालांकि जनस्वास्थ्य विभागों की टीमों ने बारिश के बाद अलग-अलग स्थानों पर रखीं मोटरों और पंप सेट को चलाकर पानी की निकासी का काम शुरू कर दिया, लेकिन इसके बावजूद शाम सात बजे तक भी शहर में जलभराव की स्थिति बनी रही। वहीं, बौंदकलां क्षेत्र में भी बारिश हुई है।
शहर के इन क्षेत्रों में हुआ जलभराव
शहर के तिकोना पार्क, पुराना सिविल अस्पताल रोड, लाजपतराय चौक, परशुराम चौक सहित विभिन्न भागों में जलभराव हो गया है। बालावाला मंदिर रोड पर अप्रोच गलियों में कई जगह तो मकानों के अंदर तक पानी पहुंच गया। शहर के रोहतक रोड, लोहारू रोड, तिकोना पार्क नाला, रोहतक फाटक नाला, ढाणी फाटक क्षेत्र का बरसाती पानी का नाला भी ओवरफ्लो हो गया। शहर की सीवर लाइनें जवाब देने से बस स्टैंड परिसर, नगर परिषद कार्यालय, तिकोना पार्क सहित विभिन्न भागों में जलभराव हो गया।
पानी में बंद हुए वाहन, धक्का लगाकर निकाले बाहर
शहर के मुख्य रोहतक रोड, बस स्टैंड रोड, कोर्ट रोड समेत 60 से अधिक गलियों व सड़कों पर एक से डेढ़ फुट पानी भरा। शहर के मुख्य चौराहों और कोर्ट रोड पर भरे पानी से गुजरते समय कई वाहन बंद हो गए और चालक इन्हें धक्का लगाकर बाहर निकालते नजर आए। बारिश से जलभराव होने पर 30 से अधिक दुपहिया वाहन और करीब पंद्रह चार पहिया वाहन बंद हुए।
फसलों के लिए फायदेमंद है बारिश
बारिश से फसलों को फायदा पहुंचेगा। खासकर ज्वार को इससे काफी लाभ होगा। इतना ही नहीं अब बारिश होने से किसानों को बाजरा और कपास के बाद अगली फसल की बिजाई में भी आसानी होगी। किसान लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे थे।
इस मानसून सामान्य से कम हुई है बारिश
मानसून सीजन में औसतन 500 एमएम बारिश होनी चाहिए। दादरी जिले की अगर बात करें तो इस साल करीब 315 एमएम बारिश ही हुई है। बारिश कम होने से इसका सीधे तौर पर असर फसलों की पैदावार पर पड़ा है। हालांकि मानसून की विदाई के समय अगर अच्छी बारिश होती है तो किसानों का अगली फसल की बिजाई पर आने वाला खर्च घटेगा।
बारिश के पानी की निकासी होने में थोड़ा बहुत समय तो लगता ही है। हमने सभी मोटरों और पंप सेट को चालू करवाकर पानी निकासी की कवायद शुरू कर दी है।
जगदीशचंद्र, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग