संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले में मानसून सीजन में हुई भारी बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खरीफ सीजन की प्रमुख फसलों विशेषकर बाजरा को व्यापक नुकसान हुआ है। प्रशासन के मुताबिक, जिले में करीब 2 लाख 23 हजार एकड़ कृषि भूमि बारिश और जलभराव की चपेट में आ गई है।
ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर 50 हजार से अधिक किसानों ने अपनी फसल क्षति की रिपोर्ट दर्ज करवाई है। राजस्व विभाग के पटवारी और कानूनगो स्तर पर सत्यापन का कार्य पूरा कर लिया गया है। अब तहसीलदार और एसडीएम स्तर पर सत्यापन प्रक्रिया जारी है। इसके बाद जिला उपायुक्त द्वारा अंतिम संस्तुति की जाएगी, जिसके आधार पर प्रदेश सरकार की ओर से किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
कृषि विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, जिन क्षेत्रों में 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ है, वे मुआवजे की पात्रता में आते हैं। आमतौर पर सरकार उन्हीं किसानों को आर्थिक सहायता देती है, जिनकी फसल 50 प्रतिशत या उससे अधिक क्षतिग्रस्त होती है।
शुरुआत में ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल सिर्फ 37 गांवों के लिए खोला गया था लेकिन बाद में इसे पूरे जिले के किसानों के लिए उपलब्ध करवा दिया गया। जिले के तीनों ब्लॉकों के गांवों, विशेषकर तराई क्षेत्रों में नुकसान अधिक दर्ज किया गया है। इन क्षेत्रों में बारिश का पानी रुकने के कारण फसलें पूरी तरह से खराब हो गई हैं।
वहीं, रेतीले क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम नुकसान हुआ है लेकिन वहां भी बाजरे की औसत पैदावार घटकर 9 से 10 क्विंटल प्रति एकड़ रह गई है, जो सामान्य उत्पादन से काफी कम है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सत्यापन प्रक्रिया तेजी से चल रही है। जल्द ही किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।