- प्रेम-प्रसंग परवान न चढ़ने पर हुई गांव निवासी विवाहिता ने प्रेमी के साथ रविवार रात निगला जहर, पति के सोने के बाद शांति ने घर में कराई थी दीपक की एंट्री
- दो बहनों का इकलौता भाई था दीपक
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। बाढड़ा उपमंडल के हुई गांव में विवाहिता और उसके प्रेमी की जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई मौत का मामला रविवार को दिनभर सुर्खियों में रहा। लोग इस प्रकरण पर तरह-तरह की चर्चाएं करते नजर आए। वहीं, इस घटना में ओबरा निवासी दीपक की मौत होने से परिवार का चिराग बुझ गया जबकि शांति की मौत से ससुराल में खामोशी छा गई। दो परिवार उजड़ गए।
दीपक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें हैं। उसकी मौत से परिवार का दीपक बुझ गया। वह मां-बाप का बुढ़ापे का सहारा था। एक रसगुल्ला प्लांट पर नौकरी कर घर का खर्च चलाता था। वह घर में इकलौता कमाने वाला था। उसकी मौत के बाद अब घर खर्च चलाने के लिए भी बहनों और मां-बाप को तकलीफें उठानी पड़ेंगी।
दूसरी ओर से शांति देवी की मौत से घर की सुख-शांति भंग हो गई है। परिवार सदमे में है। अचानक घर में इस घटना के होने से सभी के चेहरे पर उदासी छाई है। वहीं, मां का साया खोने वाले दोनों बेटों की उम्र 8 और 7 वर्ष है। वहीं, मृतका शांति का सहारा संदीप के बीमार माता-पिता को भी था। संदीप की गैरमौजूदगी में वही उनका ध्यान रखती थी।
-पांच माह पहले महिला के ससुराल में हुआ था विवाद
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, पांच माह पहले ही संदीप को शांति देवी के दीपक के साथ चल रहे प्रेम प्रसंग की बात पता चली थी। पांच माह पहले दोनों को ससुराल में देखा गया था। उस दौरान काफी विवाद भी हुआ था। बाद में दोनों पक्षों का आपसी समझौता करवाकर मामला खत्म कर दिया गया था।
- घर आते-जाते समय मिलता था दीपक
सूत्रों की मानें तो दीपक दादरी क्षेत्र में किसी रसगुल्ला प्लांट में काम करता था। इसमें वह रहता था। अपने घर ओबरा जाते समय या महिला के बुलाने पर उसके पास जाता था। संदीप जब घर से बाहर रहता था तो पीछे से मिलने के लिए आया करता था। एक माह से संदीप भी अपने काम पर नहीं गया। वह घर पर ही रहता है।