संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। बड़ी उम्मीद से किसानों ने फसल को तैयार किया और जब लाभ लेने की बारी आई तो शोले बनकर बरसी बारिश से उनके अरमान राख हो गए। जिले में 19 मिलीमीटर बारिश हुई, जिससे मंडियों में रखीं बाजरे की ढेरियां भीग गईं। वहीं, खेतों में कटी फसलों को भी नुकसान पहुंचा।
सोमवार को मंडी में पानी निकलने का रास्ता नहीं होने से व्यापारी अपने स्तर पर मोटर लगाकर पानी निकालते रहे। हालांकि, बारिश के आसार देखते हुए आढ़तियों ने फसलों की सुरक्षा के लिए पहले से ही प्रबंध किए हुए थे।
30 फीसदी बाजरा शेड के नीचे पड़ा हुआ था। वहीं, निजी खरीद करने वाले व्यापारी साथ ही साथ बाजरे की उठान भी करा रहे हैं। ऐसे में मंडी में लगभग 10 से 20 फीसदी बाजरा ही बारिश से प्रभावित हुआ है। आढ़तियों ने ज्यादातर बाजरा ढक दिया था। वहीं, बारिश की वजह से शहर के परशुराम चौक के पास रोहतक रोड व अन्य कई भागों में पानी भरने से वाहन चालकों को परेशानी हुई।
इससे कोर्ट रोड समेत व अन्य क्षेत्रों में वाहन धीरे-धीरे चले। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की वजह से बारिश से अचानक मौसम में बदलाव आ गया है। मौसम विभाग ने सात अक्तूबर तक इस विक्षोभ का असर बने रहने के बारे में बताया था। आठ अक्तूबर से पश्चिमी हवा चलने से मीठी ठंड शुरू हो जाएगी। क्षेत्र में रविवार रात से ही बादल छा गए। रात के समय बूंदाबांदी हुई।
सोमवार को दोपहर के समय हल्की बारिश हुई। शाम को चार बजे बारिश की झड़ी लग गई। शाम तक 19 एमएम बारिश दर्ज की गई। सोमवार शाम को अधिकतम तापमान 29 व न्यूनतम 21 डिग्री दर्ज किया गया। इस प्रकार, अधिकतम पांच व न्यूनतम तापमान तीन डिग्री गिरा है।