गांव रावलधी स्थित अनुसूचित जाति चौपाल भवन।
चरखी दादरी। जमीन की रजिस्ट्री से राजस्व विभाग के जरिये जिले की 167 ग्राम पंचायतों को स्टांप ड्यूटी के रूप में आठ करोड़ का बजट मिलेगा। चंडीगढ़ मुख्यालय से इसकी स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द ही यह बजट जारी होने वाला है। दो साल बाद यह राजस्व बजट जारी होगा।
बता दें कि इस बजट से गांव की सीमा के अंदर गली निर्माण को छोड़कर जिले के सभी गांवों में कोई भी विकास कार्य सरपंच करवा सकेंगे। वैसे ग्राम पंचायतों के पास आय के कई स्रोत हैं। गांव में चूल्हा टैक्स से भी पंचायत को आय होती है। इसी प्रकार केंद्र व राज्य सरकार की ओर से आबादी के हिसाब से पीआरआई ग्रांट भी मिलती है। इसके अलावा राज्य सरकार की ओर से बड़े प्रोजेक्टों के कार्य टेंडर के माध्यम से पूरे करवाए जाते हैं।
अब तो सरपंचों के पास 21 लाख रुपये तक के बजट के कार्य करवाने की शक्तियां हैं। दरअसल, चरखी दादरी में दो साल पहले ही जिला परिषद बनी है। जिला परिषद का चेयरमैन भी अलग से चुन रखा है। पहले चरखी दादरी भिवानी जिले के अधीन था। अब चरखी दादरी जिला परिषद स्वतंत्र है। जिला के नाम राजस्व विभाग से मिलने वाले बजट से अब खासा फायदा पहुंचेगा। राजस्व विभाग हर साल करोड़ों रुपये रजिस्ट्री की फीस लेता है इसमें जिला परिषद का भी हिस्सा है। यह राशि स्टांप ड्यूटी से मिलती है।
जिला परिषद के खाते में आएगा बजट
जिले में पिछले दो साल का स्टांप ड्यूटी का बजट आठ करोड़ हो गया है। अब यह बजट जिला परिषद के खाते में आने वाला है। जिला परिषद की ओर से इस बजट को ब्लॉक समिति व ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए आवंटित किया जाएगा। यह आठ करोड़ का बजट जिले के सभी 167 ग्राम पंचायतों में विकास कार्याें पर खर्च किया जा सकेगा। गांव की सीमा के अंदर की गलियों के निर्माण पर इस राशि में से रुपये खर्च नहीं किए जा सकते। यह विभाग एवं सरकार की पॉलिसी है। इस बजट से ग्राम पंचायत गांव में विकास कार्य करवा सकती है।
राजस्व विभाग से रजिस्ट्री से मिलने वाले राजस्व के रूप में जिले की 167 ग्राम पंचायतोंं को आठ करोड़ का बजट मिलेगा। यह स्टांप ड्यूटी से होने वाली आय है। इस आय से सभी 167 ग्राम पंचायतों में विकास कार्य होंगे। यह बजट जल्द ही चंडीगढ़ से जारी होने वाला है।
मनदीप डालावास,चेयरमैन, जिला परिषद