फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना से 146वीं मौत, अगस्त में हर रोज 16 लोग मिले पॉजिटिव

विज्ञापन
विज्ञापन
चरखी दादरी। अगस्त में कोरोना ने फिर से कहर बरपाया है। पिछले 20 दिनों में जिले के 317 लोग कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं और एक संक्रमित की शनिवार को अग्रोहा अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। चरखी निवासी मृतक एक सप्ताह से उपचाराधीन था और कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार उसका दाह-संस्कार किया गया। कोविड से जिले में यह 146वीं मौत है और फिलहाल जिले में 89 पॉजिटिव केस सक्रिय हैं।
विज्ञापन

लंबे समय बाद अगस्त ऐसा माह रहा है जिसमें 300 से अधिक संक्रमित मिले हैं। अगर केवल अगस्त माह के आंकड़ों पर गौर करें तो प्रतिदिन 16 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं जबकि 12 संक्रमित हर रोज स्वस्थ हुए हैं। अगस्त के 20 दिनों में 247 मरीजों ने कोरोना को हराया है। हालांकि रिकवरी रेट से संक्रमण दर अधिक होना चिंता की बात है।
31 जुलाई तक की स्थिति पर गौर करें तो जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 7551 थी जबकि सक्रिय केस 20 थे। उस दौरान करीब 100 सैंपल प्रतिदिन लिए जा रहे थे। 31 जुलाई तक जिले से कुल 378932 सैंपल लिए गए थे। अब अगर 20 अगस्त तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 7868 पहुंच चुकी है जबकि सक्रिय केस 89 हैं। 20 अगस्त तक कुल 382253 सैंपल लिए गए हैं। ओवरऑल स्थिति की अगर बात करें तो इन 20 दिनों में स्वास्थ्य विभाग ने 3321 सैंपल लिए हैं और इस लिहाज से प्रतिदिन 166 सैंपल लिए गए और इनमें से 16 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं।
विज्ञापन

चिंताजनक : कोरोना के केस बढ़ने के बावजूद नहीं बढ़ी सैंपलिंग
स्वास्थ्य विभाग ने अगस्त में प्रतिदिन करीब 166 सैंपल लिए हैं जिनमें से प्रतिदिन 16 रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं। बावजूद इसके सैंपलिंग तेज नहीं हुई है। कुल सैंपलों में से 10 प्रतिशत सैंपल पॉजिटिव मिलना चिंता का विषय है और ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को सैंपलिंग बढ़ाने की दरकार है। सैंपलिंग बढ़ने से कोरोना के छिपे केस पकड़ में आ सकेंगे। सूत्रों के अनुसार कोविड लैब बंद होने के चलते सैंपलिंग नहीं बढ़ाई जा रही और इससे केस पकड़ में नहीं आ रहे।
ये तीन कमियां स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती
चुनौती: 1- कोविड लैब बंद- सिविल अस्पताल में शुरू की गई कोविड लैब लंबे समय से बंद है और ऐसे में कोरोना के सैंपल जांच के लिए बाहर भेजने पड़ रहे हैं। वहां से रिपोर्ट आने में देरी हो जाती है। अगर 21 अगस्त की दोपहर तक की बात करें तो 363 सैंपलों की रिपोर्ट लंबित थीं। ऐसे में कोरोना का प्रकोप बढ़ने पर कोविड लैब शुरू होनी बेहद जरूरी है।
चुनौती: 2- बूस्टर डोज से किनारा- वैक्सीनेशन की अगर बात करें तो पहली और दूसरी डोज लगवाने में दादरी ने न केवल प्रदेश, बल्कि देश के सभी जिलों के लिए मिशाल पेश की थी। पहली और दूसरी डोज में जिले ने 100 प्रतिशत से अधिक अचीव किया जबकि बूस्टर डोज में जिले में केवल 27 फीसदी लोग कवर हो पाए हैं। किशोरों का वैक्सीनेशन भी धीमा है।
चुनैती:3- विशेषज्ञों की कमी- जिले को सरकार ने भले ही 28 डॉक्टर्स और 48 सीएचओ दे दिए हों, लेकिन अन्य विशेषज्ञों की तैनाती अब तक नहीं हो पाई है। जिले में फिजिशियन, बाल रोग विशेषज्ञ, एमडी मेडिसन समेत विशेषज्ञों के कई पद खाली पड़े हैं। इसके चलते सीधे तौर पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। फिलहाल जिले में चिकित्सकों के 29 पद खाली हैं।
- जिले में कोरोना की ओवरऑल ये है स्थिति
कुल सैंपल लिए गए - 382253
निगेटिव रिपोर्ट आई- 374122
पॉजिटिव रिपोर्ट - 7868
स्वस्थ्य हुए- 7633
सक्रिय केस- 89
लंबित रिपोर्ट- 363
मौत- 146
चरखी निवासी एक व्यक्ति की कोरोना से अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में मौत हुई है और यह जिले में 146वीं मौत है। कोविड लैब हम जल्द शुरू कर देंगे और इसके लिए सोमवार को ट्रॉयल भी किया जाएगा। सैंपलिंग जल्द बढ़ाई जाएगी।
विज्ञापन

डॉ. संदीप भारद्वाज, डिप्टी सीएमओ एवं जिला कोविड नोडल अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें