शहर के बिजली उपभोक्ताओं को अगले डेढ़ माह के अंदर फीडर ब्रेक डाउन की समस्या से निजात मिल जाएगी। इसके लिए बिजली निगम ने प्लान तैयार कर लिया है। निगम की प्लानिंग अनुसार 1300 ट्रांसफार्मरों को अपग्रेड किया जाएगा। वहीं, वार्डों में बिजली पोल की कमी और पुराने तारों को भी बदला जाएगा। पोल लगाने और तारों को बदलने की प्रक्रिया निगम ने शुरू कर दी है। निगम अधिकारियों की मानें तो अक्तूबर माह के अंत तक सभी ट्रांसफार्मरों को अपडेट कर दिया जाएगा।
बिजली निगम सितंबर माह के अंत तक शहर की बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नए पोल लगाने और पुराने तारों की जगह केबल डालने का काम पूरा करेगा। इसके लिए निगम ने वार्ड वाइज डिमांड के अनुरूप एस्टिमेट बनाए हैं, ताकि शहर के सभी भागों में बिजली आपूर्ति में सुधार आ सके। बारिश की झड़ी में फॉल्ट ज्यादा मात्रा में आते हैं, जो बिजली निगम के लिए सबसे ज्यादा परेशानी पैदा करते हैं। शहर में करीब 15 हजार बिजली उपभोक्ता हैं और प्रतिदिन तीन लाख यूनिट बिजली की खपत है। शहर में बिजली आपूर्ति पटरी पर नहीं होने की वजह से समय- समय पर उपभोक्ताओं को दिक्कत बनी रहती है। सबसे ज्यादा परेशानी फॉल्टों की वजह से होती है। खासकर बारिश होने पर बिजली आपूर्ति ज्यादा बाधित होती है। इस वजह से शहर से पानी की निकासी भी समय पर नहीं हो पाती। मोटर एवं पंप समय रहते काम नहीं कर पाते, जिससे बरसाती नाले ओवरफ्लो हो जाते हैं।
अब बिजली निगम ने इसी दिशा में काम शुरू कर दिया है। जरूरत के अनुसार बिजली के पोल लगाए जा रहे हैैं। तारों को भी रिप्लेस किया जा रहा है। वार्ड स्तर पर निगम ने प्लान तैयार किया है। शहर की बाहरी आवासीय बस्ती बढ़ने की वजह से बिजली आपूर्ति मेें और सुधार करने की जरूरत है। पिछले दिनों निगम ने शहर मेें 50 नए पोल लगाने का काम शुरू किया है। अधिकतर भागों में पोल लगा भी दिए गए हैं। सितंबर माह तक सभी नए पोल तारों के जरिए बिजली आपूर्ति से कनेक्ट कर दिए जाएंगे। इससे फॉल्ट की समस्या व आपूर्ति में भी सुधार आएगा। पोल से पोल की दूरी ज्यादा होने की वजह से तार जल्दी टूट जाते हैं। कई बार लटकते तारों की वजह से हादसों का भी अंदेशा बना रहता है।
बिजली निगम इस प्लान पर काम कर रहा है कि ब्रेक डाउन की समस्या से भी स्थायी तौर पर छुटकारा मिल जाए। कई बार लंबी लाइन में ब्रेक डाउन होने पर फॉल्ट का पता नहीं चल पाता। अब इस दिशा में निगम अधिकारी प्लान पर काम कर रहे हैं। इसके लिए पोल से पोल की दूरी कम की जा रही है।
आउटपुट न देने वाले ट्रांसफार्मर बदले जाएंगे
शहर में लगे 1300 बिजली के ट्रांसफार्मरों को अक्तूबर माह से पहले अपडेट किया जाएगा। इसके लिए ट्रांसफार्मरों में ऑयल व अन्य उपकरणों की जांच भी की जाएगी। कम आउटपुट देने वाले ट्रांसफार्मरों को जरूरत के अनुसार बदला जाएगा। शहर में इस समय 800 लाल रंग के ट्रांसफार्मर भी लगे हैं। लाल रंग के एक ट्रांसफार्मर से 20 घरों में बिजली आपूर्ति की जाती है। इसी प्रकार आवासीय बस्ती के ऊपर से गुजर रहे हाई वोल्टेज के तारों को भी हटाने का काम शुरू कर दिया है।
अधिकारियों ने वार्डों में टीम भेजकर तैयार करवाए एस्टिमेट
निगम अधिकारियों ने हर वार्ड व बाजारों की बिजली संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए एस्टिमेट तैयार कर लिए हैं। इस पर जल्द ही बड़े पैमाने पर काम शुरू होगा। जानकारी के अनुसार प्रतिदिन 30 से 40 बिजली संबंधी शिकायतें अधिकारियों के पास पहुंच रही थीं। इन्हें देखते हुए अधिकारियों ने टीमों को वार्ड में भेजकर एस्टिमेट तैयार करवाए हैं।
बिजली निगम के एसडीओ कुलदीप दुहन ने कहा कि बिजली निगम शहर की बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए तेज गति से काम कर रहा है। इसके लिए एस्टिमेट तैयार कर लिए हैं। एक माह में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से पटरी पर आ जाएगी।