बारिश में भीगे मंडी में रखे बाजरे के कट्टे।
चरखी दादरी। महज 11.5 एमएम बारिश ने मार्केट कमेटी की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। वीरवार सुबह हुई बारिश से अनाज मंडी का मुख्य गेट पानी में डूब गया। किसानों और आढ़तियों को आवागमन में परेशानी हुई।
मंडी में खुले आसमान के नीचे रखा करीब 15 हजार क्विंटल बाजरा भीग गया। फसल को बचाने के लिए तिरपाल लगाए गए थे लेकिन तेज हवा, फटे तिरपाल और जगह-जगह से पानी रिसने से बाजरे की ढेरियां और कट्टे भीग गए। इससे किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ गई है।
बारिश के बाद मंडी के मुख्य प्रवेश द्वार पर पानी जमा हो गया। इससे फसल लेकर आने वाले किसानों और अन्य वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मंडी परिसर में पानी निकासी की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ गई।
किसानों का कहना है कि फसल सीजन में बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त होनी चाहिए ताकि बारिश के दौरान उनकी उपज सुरक्षित रह सके। मंडी में करीब 15 हजार क्विंटल बाजरा खुले में रखा है। व्यापारियों ने इसे ढकने के इंतजाम किए थे लेकिन कई जगह तिरपाल फटे होने से पानी अंदर चला गया। मौसम खराब होने की आशंका के बीच फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।
बारिश से आवक घटने की आशंका
बारिश के कारण मंडी में बाजरा लेकर पहुंचने वाले किसानों की संख्या घटने की संभावना है। पिछले दिनों की तुलना में आवक कम रह सकती है। किसानों ने मार्केट कमेटी और जिला प्रशासन से जल निकासी तथा फसल सुरक्षा के इंतजाम दुरुस्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो आगामी बारिश में नुकसान बढ़ सकता है। हालांकि, बारिश रुकने के बाद मंडी गेट के पास जमा पानी की निकासी शुरू कर दी गई।
शहर की सड़कों पर जलभराव
बारिश का असर शहर की सड़कों पर भी दिखाई दिया। रोहतक रोड, बस स्टैंड रोड और भगवान परशुराम चौक के आसपास निचले इलाकों में पानी भर गया। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हुई। बाजारों में कीचड़ जमा होने से दुकानदारों का कामकाज भी प्रभावित हुआ।