चरखी दादरी। करीब डेढ़ साल पहले बनकर तैयार हुए एमसीएच (मातृ-शिशु अस्पताल) में स्वास्थ्य विभाग मरीजों को लिफ्ट की सुविधा मुहैया करवाएगा। इसकी योजना तैयार हो चुकी है जबकि मुख्यालय से बजट भी स्वीकृत हो चुका है। विभाग का यह कदम मरीजों के साथ तीमारदारों को राहत देगा और इस काम पर करीब 11 लाख रुपये का बजट खर्च होगा। लिफ्ट लगाने की प्रक्रिया पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से की जाएगी और बजट ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
बता दें कि सरकार ने वर्ष 2021 में करीब दस करोड़ रुपये की लागत से मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण कराया था। उस दौरान यहां लिफ्ट की व्यवस्था नहीं की गई थी। भवन बनने के बाद से ही विभाग यहां सेवाओं में विस्तार कर रहा है। इसी मुहिम के तहत अब यहां लिफ्ट लगाने की योजना तैयार की गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जून में धरातल पर काम शुरू हो जाएगा और इसके पूरा होते ही लिफ्ट सेवा मरीजों और तीमारदारों के लिए शुरू कर दी जाएगी।
मातृ-शिशु अस्पताल शहर के बीचोबीच स्थित है और यहां स्टाफ संख्या भी लगातार बढ़ रही है। यहां की दैनिक ओपीडी 200 के पार रहती है। अब तक यहां मरीजों के लिए लिफ्ट सुविधा नहीं थी और उन्हें रैंप या सीढ़ी चढ़कर पहली या दूसरी मंजिल पर जाना पड़ता है। मरीजों के लिए यह करना आसान नहीं है और इसके चलते उन्हें काफी दिक्कतें हो रही हैं। मरीजों की इस समस्या को देखते हुए विभाग ने अब लिफ्ट सेवा शुरू करने की योजना तैयार की है।
- डायलिसिस और एमआरआई सुविधा शुरू करने की भी योजना
स्वास्थ्य विभाग मातृ-शिशु अस्पताल की सेवाओं में विस्तार करने की योजना तैयार कर चुका है। इसके तहत यहां डायलिसिस यूनिट शुरू की जानी है। इसके अलावा विभाग की योजना है कि मातृ-शिशु अस्पताल में मरीजों के लिए सीटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा भी मुहैया कराई जाए। इसका प्रपोजल तैयार कर मुख्यालय भेजा जा चुका है।
- नेत्र ब्लॉक भी होना है तैयार
मातृ-शिशु अस्पताल में नेत्र ब्लॉक बनाने की भी योजना तैयार की जा चुकी है। 2250 वर्गगज जगह पर इसका निर्माण कराया जाएगा। आंखों का ब्लॉक बनने से हर माह करीब 1500 मरीजों को लाभ मिलेगा। फिलहाल जिले में आंखों के ऑपरेशन की सुविधा नहीं है।
मातृ-शिशु अस्पताल में मरीजों को जल्द ही लिफ्ट सुविधा मुहैया कराई जाएगी। पीडब्ल्यूडी की मार्फत यहां लिफ्ट लगवाएंगे और इसके लिए करीब 11 लाख का बजट स्वीकृत हो चुका है। लिफ्ट लगने के बाद मरीजों को सीढि़यां नहीं चढ़नी पड़ेंगी।
-डॉ. कृष्ण कुमार, सीएमओ, चरखी दादरी