खेल व खेती बाड़ी वाले हरियाणा में दिल की बीमारियों के प्रति लोग संजीदा हो गए हैं। भारत सरकार के महापंजीयक कार्यालय की ओर से जून 2025 में जारी चिकित्सा प्रमाणीकरण की रिपोर्ट के मुताबिक कोविड के बाद हृदय रोग से होने वाली मौतों में कमी आई है।
पंचकूला हार्ट सेंटर के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डा़ अनिल सूद बताते हैं कि जब हार्ट तक ऑक्सीजन लेकर जाने वाली खून की आपूर्ति रुक जाती है तो दिल का दौरा पड़ता है। दिल के दौरे की सबसे बड़ी वजह हृदय तक पहुंचने वाली धमनियां का सिकुड़ जाना होता है। इससे खून की आपूर्ति बाधित होती है। धमनियों के सिकुड़ने का बड़ा कारण तरल वसा पदार्थ का धमनियों में जमा होना होता है। हालांकि अधिकतर ऐसी घटनाओं में लक्षण पहले दिख जाते हैं।
जब भी सीने या बाजू तक दर्द हो तो यह दिल की बीमारी का सबसे बड़ा लक्षण होता है। अचानक से पसीना आने लगे या फिर कुछ दिनों से ज्यादा गैस बनना भी हृदय रोग का ही लक्षण होता है। डा़ सूद कहते हैं कि पीठ और जबड़े में अचानक दर्द भी हार्ट अटैक का लक्षण हो सकता है। इसके अलावा व्यक्ति को चक्कर आना, सांस लेने में तकलीफ और ज्यादा पसीना आना भी हार्ट अटैक होने से पहले का मुख्य लक्षण माना जाता है। अक्सर लोग सीने में दर्द को गैस का दर्द मानने लगते हैं। दोनों में सबसे बड़ा अंतर यही है कि जब आराम करने के बाद भी सीने के दर्द में आराम न मिले तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
डा़ सूद बताते हैं कि अव्वल तो यही है कि ऊपर बताए गए कोई लक्षण नजर आते हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसमें कोई कोताही नहीं बरतनी चाहिए। दिल के मरीज हैं तो दो दवाएं अपने पास जरूर रखें। पहली दवा एस्पिरिन और दूसरी सोर्बिट्रेट। हार्ट अटैक का लक्षण आने पर एस्पिरिन की गोली पानी में घोलकर पीएं और सोर्बिट्रेट की गोली जीभ के नीचे रख दें और तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ये दवाइयां सिर्फ कुछ समय के लिए जोखिम कम करती हैं। आपको डॉक्टर के पास जाना ही होगा।
कब कितनी मौतें
साल हरियाणा हिमाचल प्रदेश पंजाब
2022 26.3 36.4 45.8