हरियाणा के मौसम में बदलाव के बड़े संकेत मिल रहे हैं। चंडीगढ़ मौसम विभाग के 114 वर्षों के अध्ययन में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
आंकड़ों के मुताबिक इन वर्षों में पंचकूला व यमुनानगर के तापमान में लगभग 1.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है जो राज्य में सबसे अधिक बढ़ोतरी वाले क्षेत्र हैं।
सोनीपत, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात, पलवल और रेवाड़ी जैसे जिलों में तापमान करीब 1 डिग्री तक बढ़ा है। इससे शहरीकरण और औद्योगिक गतिविधियों के प्रभाव का संकेत मिलता है।
इसके विपरीत अंबाला, कैथल, कुरुक्षेत्र, करनाल और जींद में तापमान में लगभग 0.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, रोहतक, भिवानी और पानीपत में भी तापमान घटने के संकेत मिले हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार जिन इलाकों में तापमान में गिरावट देखी गई है वहां धान की खेती अहम कारण हो सकती है। धान की फसल में अधिक पानी की जरूरत होती है। इससे मिट्टी में नमी बनी रहती है और आसपास का तापमान नियंत्रित रहता है। इसके अलावा अन्य बदलाव भी हो सकते हैं जिसके लिए अनुसंधान करने की आवश्यकता है।