-6 माह से अधिक बीत जाने के बावजूद गिरफ्तारी न होने वाले मामलों का ब्योरा तलब
-गिरफ्तारी न होने का कारण व जांच अधिकारी पर की गई कार्रवाई की भी देनी होगी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एनडीपीएस मामलों की जांच में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए डीजीपी को राज्यभर में दर्ज उन सभी मामलों की विस्तृत सूची तलब की है जहां आरोपियोंं को छह माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी गिरफ्तार नहीं किया गया है। कोर्ट ने डीजीपी को यह हलफनामा 16 सितंबर को होने वाली सुनवाई से पहले पेश करने को कहा है।
जस्टिस एनएस ने कहा कि हलफनामे में सभी एफआईआर का ब्योरा, आरोपियों के नाम, उनके खिलाफ की गई कार्रवाई, जांच अधिकारियों की लापरवाही पर उठाए गए कदम, क्या उन्हें जिम्मेदार ठहराया गया, इसका पूरा विवरण होना चाहिए। कोर्ट ने यह भी पूछा है कि क्या ऐसे आरोपियों को भगोड़ा घोषित करने की कार्रवाई की गई है या उनकी चल-अचल संपत्ति जब्त करने हेतु अदालत में आवेदन दायर किया गया है। कोर्ट ने कहा कि एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों की जांच पर कोई निगरानी नहीं है और यह गंभीर स्थिति है। कोर्ट ने यह निर्देश उस याचिका की सुनवाई के दौरान दिए जिसमें मांग की गई थी कि फरवरी 6 को मंडी डबवाली थाना क्षेत्र में दर्ज एनडीपीएस केस की जांच स्थानीय पुलिस से हटाकर किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपने की मांग की गई थी। कोर्ट ने मामले की पृष्ठभूमि पर टिप्पणी करते हुए कहा कि याची 12 मामलों में शामिल है और वह आदतन अपराधी तथा कुख्यात ड्रग तस्कर है। फिर भी छह माह बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई जो यह दर्शाता है कि स्थानीय पुलिस अधिकारी आरोपी के साथ मिलीभगत कर रहे हैं।