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Chandigarh-Haryana News: हरियाणा में जल संकट गहराया, हस्तक्षेप के लिए हाईकोर्ट से गुहार

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भाखड़ा से पानी छोड़ने को लेकर पंचकूला के अधिवक्ता ने हाईकोर्ट में दाखिल की याचिका
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हरियाणा के कई जिलों में कानून व्यवस्था बिगड़ने की दलील
चंडीगढ़। भाखड़ा बांध से पानी न मिलने के चलते हरियाणा के कई जिलों में पानी की किल्लत के चलते कानून व्यवस्था बिगड़ने की दलील देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। पंचकूला निवासी हरियाणा के पूर्व एडीशनल एडवोकेट जनरल आरएस ढुल ने याचिका दाखिल करते हुए इस मामले में हाईकोर्ट के हस्तक्षेप की अपील की है।
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याची ने हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब सरकार ने भाखड़ा हेडवर्क्स और लोहंड खुद एस्केप चैनल पर पुलिस बल तैनात किया है। पुलिस बल तैनात कर भाखड़ा नहर में जल प्रवाह बाधित किया जा रहा है। पंजाब सरकार के इस कदम के चलते हरियाणा के हजारों किसान प्रभावित हो रहे हैं। पंजाब सरकार ने भाखड़ा के पानी में पांच हजार क्यूसेक की कटौती कर दी है, जिससे जल संकट गहरा गया है। भाखड़ा से हरियाणा को पहले 9 हजार क्यूसेक पानी दिया जा रहा था, जिसे घटा कर 4 हजार क्यूसेक कर दिया गया। पंजाब सरकार के इस कदम से प्रदेश के 7 जिलों अंबाला, कैथल, कुरुक्षेत्र, जींद, फतेहाबाद, हिसार और सिरसा में जल संकट गहराने लगा है और लोगों को परेशानी से जूझना पड़ रहा है। याची ने कहा कि ऐसा करना न केवल असांविधानिक है, बल्कि नागरिकों के मौलिक अधिकारों का भी हनन है। याची ने बताया कि भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड द्वारा पहले ही यह निर्णय ले चुका है कि भाखड़ा नहर में हरियाणा के लिए 8500 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। लेकिन पंजाब निर्णय को लागू नहीं कर रहा है। याचिका में बीबीएमबी, पंजाब, हरियाणा व केंद्र सरकार को प्रतिवादी बनाया गया है। रजिस्ट्री में दाखिल इस याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई होगी।
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