- श्रम मंत्री ने 10 सदस्यीय बोर्ड में सदस्यों की नियुक्ति और योग्यता पर उठाया सवाल
- दुष्यंत चौटाला के श्रम मंत्री रहते हुई थी कमेटी गठित और सदस्यों की नियुक्ति
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
अपनी ही पूर्व सरकार के कार्यकाल में गठित हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कल्याण बोर्ड को श्रम मंत्री अनिल विज ने भंग करने की सिफारिश की है। विज ने मंगलवार को बाकायदा मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। मार्च 2024 में जब भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार थी, तब उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की देखरेख में बोर्ड का गठन और आठ सदस्यों की नियुक्ति हुई थी। दुष्यंत के पास श्रम विभाग का कार्यभार था और श्रम मंत्री ही इस बोर्ड का चेयरमैन होता है।
अब श्रम मंत्री अनिल विज हैंं। उन्होंने 10 सदस्यीय बोर्ड में सदस्यों की नियुक्ति और उनकी योग्यता पर सवाल उठाया है। विज ने पत्र में लिखा कि श्रम विभाग के नियमों के मुताबिक 10 सदस्यीय बोर्ड में कम से कम एक महिला श्रमिक का होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त बोर्ड में 5 श्रमिक और 5 निर्माण कार्य से जुड़े लोग भी होने चाहिए, लेकिन सदस्यों की नियुक्ति में नियमों का पालन नहीं किया गया है। ये सदस्य गैरसरकारी होते हैं।
विज ने कहा कि नियमों के तहत ही बोर्ड में भर्तियां होंगी, इसमें किसी की सिफारिश नहीं चलेगी। प्रदेश सरकार श्रमिकों के हित में सभी तरह के कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। किसी तरह की मनमानी नहीं चलेगी।
सूत्रों के मुताबिक बीते सोमवार को पंचकूला में बोर्ड के अधिकारियों की बैठक के दाैरान उनकी तैयारियों को लेकर भी विज ने नाराजगी जताई थी। विज ने बैठक में कहा कि यूनियन केे लोगों को सदस्य बनाने से श्रमिकों का कल्याण नहीं होता है, ये सिर्फ नेतागिरी करते हैं।
बोर्ड का मुख्य कार्य श्रमिकों का कल्याण
पंचकूला सेक्टर चार में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कल्याण बोर्ड का कार्यालय है। बोर्ड का मुख्य कार्य राज्य के औद्योगिक और व्यापारिक संस्थानों में काम करने वाले श्रमिकों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन करना है। इन योजनाओं में वित्तीय सहायता, शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति, चिकित्सा सुविधा और अन्य 20 से अधिक कल्याणकारी योजनाएं शामिल हैं।