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बिजली कर्मियों की हड़ताल से हाहाकार: हरियाणा में आधी रात सड़कों पर उतरे लोग, अनिल विज की अपील-काम पर लौटें

Fri, 23 Oct 2026 08:44 AM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

बिजली कर्मियों की हड़ताल से हर वर्ग परेशान है। फॉल्ट ठीक करने के लिए पर्याप्त कर्मचारी नहीं पहुंचने से पेयजल संकट भी गहरा गया। अस्पतालों में मरीजों और जांच कार्य पर असर पड़ा, जीटी बेल्ट में धान की कटाई और सफाई प्रभावित हुई और करनाल में पांच स्कूल बंद करने पड़े। सरकारी कार्यालयों में भी कामकाज बाधित रहा।
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हरियाणा में बिजली कर्मियों की हड़ताल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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हरियाणा में बिजली कर्मियों की हड़ताल से हाहाकार मच गया है। गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी इलेवन पावर को बिजली आपूर्ति का लाइसेंस देने के विरोध में बिजली कर्मी तीन दिन की हड़ताल पर हैं। बुधवार रात दस बजे से शुरू हुई हड़ताल ने उद्योगों से लेकर अस्पतालों, स्कूलों, सरकारी कार्यालयों और आम जनजीवन तक को प्रभावित किया।

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सोनीपत में करीब पांच हजार और करनाल में एक हजार औद्योगिक इकाइयों पर असर पड़ा। सोनीपत की 2500 इकाइयों में उत्पादन आधा रह गया, जबकि गुरुग्राम में उद्यमियों ने एक दिन में 1500 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित होने का दावा किया। रोहतक, रेवाड़ी, बहादुरगढ़, नारनौल और हिसार में भी उद्योगों की रफ्तार थम गई।

अनिल विज की अपील
हड़ताल पर गए बिजली कर्मचारियों से बिजली मंत्री अनिल विज ने काम पर लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी हड़ताल खत्म कर ड्यूटी पर आएं। सरकार सभी विकल्पों पर बातचीत करने के लिए तैयार है। इसमें बिजली अधिनियम, 2003 की धारा 108 के तहत कार्रवाई करना भी शामिल है।
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विज के बयान से साफ है कि सरकार हड़ताल खत्म कराने के लिए बातचीत के साथ कानूनी और प्रशासनिक विकल्पों पर भी विचार कर रही है। हालांकि, उन्होंने धारा 108 के तहत किस तरह की कार्रवाई की जाएगी, इसका विस्तृत ब्योरा नहीं दिया है। बिजली अधिनियम, 2003 की धारा 108 के तहत राज्य सरकार सार्वजनिक हित से जुड़े नीतिगत मामलों में हरियाणा विद्युत नियामक आयोग को लिखित निर्देश दे सकती है। आयोग को अपने कार्यों के दौरान इन निर्देशों का मार्गदर्शन के रूप में पालन करना होता है।

बस सर्विस पर पड़ेगा प्रभाव
वहीं रोडवेज कर्मचारी भी बिजली कर्मियों की हड़ताल के समर्थन में आ गए हैं। आज सुबह 10 से 12 बजे तक सांकेतिक रोष प्रदर्शन किया जाएगा, जिस दौरान बस सेवाएं प्रभावित हो सकती है। 

दूसरी ओर, आठ जिलों में कम से कम 1198 गांवों और कॉलोनियों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। यमुनानगर, पानीपत, रेवाड़ी, रोहतक और कैथल के कई इलाकों में छह से 16 घंटे तक बिजली नहीं आई। फरीदाबाद में अटाली और आईएसई सहित 50 से अधिक फीडर ब्रेकडाउन होने से शहर के बड़े हिस्से में अंधेरा छा गया। वीरवार शाम चार बजे तक 11 जिलों में 22,853 से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं। अकेले फरीदाबाद में 5563 और गुरुग्राम में करीब 3000 शिकायतें पहुंचीं। जींद, कैथल, रोहतक, नारनौल, पानीपत और यमुनानगर में भी 13 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं।

उद्योगों की मशीनें थमीं, करोड़ों का कारोबार प्रभावित
सोनीपत के राई, बड़ी और कुंडली औद्योगिक क्षेत्रों में अधिकांश इकाइयों को जनरेटर का सहारा लेना पड़ा। इसके बावजूद करीब 2500 इकाइयों में उत्पादन क्षमता आधी रह गई। करनाल में एक हजार से अधिक औद्योगिक इकाइयों का कामकाज ठप होने की सूचना है। रोहतक में भिवानी रोड के पास 50 और जींद में 78 इकाइयों में काम रुका। रेवाड़ी की करीब 150 फैक्टरियों, बहादुरगढ़ की 300 औद्योगिक इकाइयों और नारनौल के करीब 20 लघु उद्योगों का उत्पादन प्रभावित हुआ।

हिसार में बिजली कटौती से उत्पादन घटा और स्टील पाइपों की लोडिंग तक मैनुअल तरीके से करानी पड़ी। गुरुग्राम के उद्योग विहार, मानेसर, बसई, कादीपुर, दौलताबाद और सेक्टर-37 समेत कई औद्योगिक क्षेत्रों में मशीनें बंद रहीं। दौलताबाद औद्योगिक क्षेत्र के अध्यक्ष पवन कुमार के अनुसार, करीब 340 उद्योग बंद रहने से एक दिन में लगभग 150 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। गुरुग्राम के उद्यमियों ने कुल कारोबार पर 1500 करोड़ रुपये से अधिक के असर का दावा किया। फतेहाबाद में औद्योगिक बिजली आपूर्ति सामान्य रहने की सूचना है। 

अस्पतालों में पांच घंटे बिजली गुल, पांच स्कूल बंद
भिवानी के जिला नागरिक अस्पताल और पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज में करीब पांच घंटे बिजली गुल रही। इससे ओपीडी में मरीजों और चिकित्सकों को परेशानी हुई तथा जांच रिपोर्ट तैयार करने का काम प्रभावित रहा। हालात संभालने के लिए एसडीएम महेश कुमार और डीएसपी 132 केवी पावर सब स्टेशन पहुंचे और इमरजेंसी फीडर चालू कराया।

करनाल में कैथल रोड फीडर बंद रहने से शिव कॉलोनी स्थित बाल विकास स्कूल समेत पांच स्कूल बंद करने पड़े। सिरसा के लघु सचिवालय में बिजली नहीं होने से तहसीलदार को अंधेरे में काम करना पड़ा। भिवानी में लघु सचिवालय समेत कई सरकारी कार्यालयों में भी दिनभर आपूर्ति बाधित रही।

गांवों में दिन-रात बिना बिजली के गुजरे, शहरों में भी लंबी कटौती
जींद में 260 गांवों और 50 कॉलोनियों, नारनौल में 350 गांवों और शहर की 31 कॉलोनियों, सोनीपत में 60 गांवों और 30 से अधिक कॉलोनियों तथा रेवाड़ी में करीब 100 गांवों और 30 कॉलोनियों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। यमुनानगर के करीब 100 गांवों और पानीपत के पांच दर्जन गांवों में भी बिजली गुल रही। पानीपत शहर के करीब आधे हिस्से में आपूर्ति प्रभावित होने की सूचना है। रोहतक में 30 से अधिक कॉलोनियों के अलावा सांपला के 22 और महम के 25 गांवों में बिजली ठप रही। कलानौर के कई गांवों में भी लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। 

हिसार के ग्रामीण इलाकों में 16 घंटे से अधिक समय तक बिजली नहीं आई, जबकि कैथल के 50 से अधिक गांवों में पांच से छह घंटे की कटौती हुई। नारनौल के ग्रामीण क्षेत्रों में रात तीन बजे से बिजली गुल रही और शहर की 31 कॉलोनियों में सुबह छह से नौ बजे के बीच आपूर्ति बाधित रही। यमुनानगर में बिजली नहीं होने से ग्रामीणों को आसपास के घरों और हैंडपंपों से पानी लाना पड़ा। फरीदाबाद के एनआईटी, जवाहर कॉलोनी, डबुआ कॉलोनी, जनता कॉलोनी, एयरफोर्स रोड, सेक्टर-56, सेक्टर-21डी, सेक्टर-46, बल्लभगढ़ की चावला कॉलोनी, आजाद नगर, एसी नगर और मोहना रोड स्थित आर्य नगर समेत कई इलाकों में 15 घंटे से ज्यादा का बिजली-पानी का संकट रहा।

शिकायत केंद्रों पर फोन बजते रहे, समाधान करने वाला कोई नहीं
हड़ताल के दौरान शिकायत केंद्रों पर शिकायतों का दबाव बढ़ता गया, लेकिन फॉल्ट ठीक करने के लिए पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध नहीं थे। जींद में 3460, कैथल में करीब 1027 तथा रोहतक और नारनौल में लगभग एक-एक हजार शिकायतें दर्ज हुईं। पानीपत में दोपहर एक बजे तक 870 से अधिक शिकायतें पहुंच गईं, जबकि सामान्य दिनों में पूरे दिन में औसतन 600 शिकायतें आती हैं। यमुनानगर में शिकायत केंद्र पर 1700 शिकायतें दर्ज हुईं और फोन के जरिये पांच हजार से अधिक शिकायतें मिलने की सूचना है। फरीदाबाद में 5563 शिकायतें आईं, जो सामान्य दिनों की तुलना में करीब पांच गुना बताई गईं। सबसे अधिक शिकायतें बल्लभगढ़, ओल्ड फरीदाबाद, ग्रेटर फरीदाबाद, फतेहपुर चंदीला और एनआईटी क्षेत्र से आईं। गुरुग्राम में लोगों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों के फोन बंद आ रहे थे और शिकायतों का समाधान नहीं हो रहा था। 

मंडियों में कहीं कामकाज सामान्य, कहीं धान की सफाई रुकी
जीटी बेल्ट की अनाज मंडियों में बिजली हड़ताल का असर पड़ा है। धान की सफाई नहीं हो पाई, शाम होते-होते इलेक्ट्रॉनिक कांटे व इनवर्टर जवाब दे गए। आढ़ितयों ने निजी स्तर पर जनरेटर मंगवाकर रोशनी की व्यवस्था की है। यमुनानगर की सरस्वती नगर मंडी में टार्च की रोशनी में श्रमिकों ने धान की तौल कराई। जगाधरी अनाज मंडी में आढ़तियों ने निजी स्तर पर जनरेटर की व्यवस्था की है। करनाल की इंद्री अनाज मंडी में बुधवार रात से बिजली नहीं है। कैथल की अतिरिक्त अनाज मंडी में वीरवार सुबह 10 बजे से बिजली गुल है। दिन में तौल का काम हुआ परंतु शाम तक इनकी बैटरी खत्म हो गई। अंधेरा होने के कारण धान की सफाई, तुलाई व उठान का कार्य पूरी तरह ठप हो गया। अतिरिक्त अनाज मंडी में पानी तक को मजदूर, किसान व आढ़ती तरस गए। मंडी सचिव की ओर से जेनरेटर की व्यवस्था कर पानी का इंतजाम किया गया। सिरसा की अनाज मंडी में भी बोली, धान की सफाई और बायोमीट्रिक कार्य प्रभावित हुए।

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