विभाग से स्पष्टीकरण अब तक लंबित
चंडीगढ़। पानीपत जिले के समालखा और हिसार के बरवाला शहरी निकायों के वास्तविक व आधिकारिक दर्जे को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग को कई बार पत्र लिखने के बावजूद अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है।
प्रदेश सरकार ने 12 अगस्त 2025 को समालखा और 26 दिसम्बर 2025 को बरवाला नगरपालिका समिति का दर्जा बढ़ाकर नगर परिषद घोषित किया था। हालांकि इसके बाद भी दोनों निकायों की स्थिति को लेकर प्रशासनिक और कानूनी सवाल उठ रहे हैं।
पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता व म्युनिसिपल कानून विशेषज्ञ हेमंत कुमार ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल, विभाग के प्रशासनिक सचिव, महानिदेशक और राज्य निर्वाचन आयुक्त को ज्ञापन भेजकर इस अपग्रेड पर कानूनी आपत्ति दर्ज कराई थी लेकिन अब तक कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है।
हेमंत के अनुसार जून 2022 में समालखा और बरवाला में नगरपालिका समिति के रूप में आम चुनाव हुए थे और जुलाई 2027 तक दोनों निकायों का पांच वर्ष का कार्यकाल शेष है। हरियाणा नगरपालिका कानून, 1973 और संविधान के प्रावधानों के तहत किसी निर्वाचित निकाय का कार्यकाल पूरा होने से पहले केवल दर्जा बदलने के आधार पर उसे भंग नहीं किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार नगर परिषद के रूप में चुनाव कराती है तो मौजूदा निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल समयपूर्व समाप्त होगा जिससे कानूनी विवाद की संभावना बन सकती है। इसलिए विभाग को इस मामले में स्पष्ट और आधिकारिक स्थिति जल्द सार्वजनिक करनी चाहिए।