- ट्रायल के लिए सात दिन पहले देना होगा विज्ञापन, चयन सूची उसी रात 10 बजे तक निदेशालय को भेजनी होगी
- निजी नर्सरी के प्रशिक्षक का ट्रायल मान्य नहीं, ट्रायल की वीडियोग्राफी अनिवार्य
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में राज्यस्तरीय खेल महाकुंभ 2026-27 के लिए जिला स्तर पर खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। खेल विभाग ने 30 खेलों के ट्रायल 15 अक्तूबर तक पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। किसी भी तरह की गलती के लिए संबंधित जिला खेल अधिकारी (डीएसओ) जिम्मेदार होंगे। आदेश उपनिदेशक खेल सुधा भसीन ने निदेशक की ओर से जारी किए हैं।
आदेश में जिला प्रशासन से भी आयोजन में सहयोग लेने को कहा गया है। ट्रायल की तारीख से कम से कम सात दिन पहले इसका संबंधित जिले के प्रमुख समाचार पत्रों में विज्ञापन देना होगा। हर ट्रायल की फोटो और वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी। चयनित खिलाड़ियों की फोटो सहित सूची उसी दिन रात 10 बजे तक निदेशालय को ई-मेल करनी होगी और उस पर संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर जरूरी होंगे।
इन 30 खेलों के लिए होगा चयन
एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, बास्केटबॉल, साइकिलिंग, कैनोइंग, फेंसिंग, फुटबॉल, नेटबॉल, कराटे, हॉकी, जूडो, कबड्डी, रोइंग, टेनिस, शूटिंग, तैराकी, टेबल टेनिस, कुश्ती, भारोत्तोलन, वॉलीबॉल, हैंडबॉल, ताइक्वांडो, क्रिकेट, खो-खो और वुशु समेत 30 खेलों में चयन होगा। व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं के साथ अलग-अलग वजन वर्ग भी निर्धारित हैं।
निजी प्रशिक्षक का ट्रायल मान्य नहीं
ट्रायल मंडलीय उपनिदेशक, जिला खेल अधिकारी और संबंधित प्रशिक्षक की निगरानी में होंगे। केवल विभागीय प्रशिक्षक ही ट्रायल ले सकेंगे। निजी नर्सरी के प्रशिक्षक द्वारा लिया गया ट्रायल मान्य नहीं होगा। प्रशिक्षकों की कमी होने पर नजदीकी जिले से ड्यूटी लगाई जाएगी। उपलब्धता न होने पर मुख्यालय राष्ट्रीय तकनीकी अधिकारियों की सूची देगा। दूसरे जिले में पढ़ने या रिहायशी अकादमी में रहने वाला खिलाड़ी संस्थान का पहचान पत्र दिखाकर वहां ट्रायल दे सकेगा।
खिलाड़ियों के चयन में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को समान अवसर देना और खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।
गौरव गौतम, खेल मंत्री