-वाहनों के धुएं से लेकर यमुना तक... प्रदूषण नियंत्रण पर सख्त हुए पर्यावरण मंत्री
-पेट्रोल पंपों पर प्रदूषण जांच कंपनियों का नियंत्रण एचएसपीसीबी को मिलेगा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश में प्रदूषण पर नियंत्रण की दिशा में पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने वाहनों के धुएं से लेकर यमुना तक सख्ती के निर्देश दिए है। यमुना नदी में किसी भी प्रकार का औद्योगिक या सीवरेज प्रदूषित जल मिलाने से पूरी तरह रोक लगाने के लिए सभी 11 ड्रेनों में प्रत्येक ड्रेनों के लिए एक नोडल विभाग स्थापित होंगे। साथ ही एक-एक नोडल अधिकारियों की नियुक्ति भी होगी। इसी तरह प्रदेशभर के पेट्रोल पंप पर प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी करने वाली कंपनियों पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी प्रदूषण नियंत्रण कंट्रोल बोर्ड (एचएसपीसीबी) को मिलेगी जोकि अभी परिवहन विभाग के पास है।
वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह वीरवार को सचिवालय में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बैठक कर रहे थे। मंत्री ने कहा कि यमुना कैचमेंट क्षेत्र की 11 ड्रेनों पर स्थापित सीईटीपी और एसटीपी की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। प्रत्येक ड्रेन के लिए एक नोडल विभाग और एक नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा जो नियमित निरीक्षण कर रिपोर्ट देंगे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों को उद्योगों में जाकर एसटीपी की वास्तविक स्थिति की जांच करनी होगी, ताकि यह किसी भी तरह से प्रदूषित जल यमुना में जाने से रोका जा सके। यमुना कैचमेंट क्षेत्र में कुल 242 टैंकर विभाग के पास पंजीकृत हैं और अवैध टैंकरों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस विभाग को विशेषकर सोनीपत व पानीपत जिलों में नाके स्थापित कर ऐसे वाहनों को जब्त करने के निर्देश दिए गए हैं। वाहनों से उत्सर्जित धुएं पर नियंत्रण के लिए पेट्रोल पंपों पर स्थापित प्रदूषण जांच उपकरणों का नियमित निरीक्षण किया जाए। वर्तमान में जो कंपनियां प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी करती हैं, उनके नियंत्रण की व्यवस्था परिवहन विभाग के स्थान पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सौंपने के लिए जल्द ही प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा।
मंत्री के अधिकारियों से कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण के प्रति पूरी तरह गंभीर है और एनजीटी व सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप ठोस कार्रवाई तय की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करने पर ही संभव है।
मंत्री ने कॉलोनियों से सीवरेज जल उठाने वाले ट्रैक्टर-टैंकरों की सूची प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व पुलिस विभाग के साथ साझा करने के निर्देश दिए है। टैंकरों द्वारा एसटीपी पर जल खाली करने के बाद वहां से रसीद लेना अनिवार्य किया जाए।