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Chandigarh-Haryana News: टीजीटी भर्ती पर तीन महीने की रोक, जारी हो सकता है संशोधित परिणाम

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-उत्तर कुंजी में दर्ज की गई आपत्तियों की स्वतंत्र विषय विशेषज्ञ करेंगे जांच
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-उनकी राय के आधार पर आवश्यकता होने की स्थिति में अंतिम परिणाम होगा जारी दिया आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को निर्देश दिया है कि टीजीटी भर्ती परीक्षा की उत्तर कुंजी पर दर्ज अभ्यर्थियों की आपत्तियों की जांच सरकारी संस्थानों में कार्यरत स्वतंत्र वरिष्ठ विषय विशेषज्ञों से 3 माह के भीतर कराई जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि अंतिम परिणाम व नियुक्ति प्रक्रिया पर तब तक रोक रहेगी। इस दौरान आयोग विशेषज्ञों की रिपोर्ट मिलने के बाद यह तय करेगा क्या अंतिम परिणाम में संशोधन किया जाना है या नहीं।
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याचिकाकर्ताओं ने 2023 में विज्ञापित अंग्रेजी, शारीरिक शिक्षा, संस्कृत, गृह विज्ञान और पंजाबी विषयों की टीजीटी भर्ती के परिणाम को 44 अगल-अलग याचिकाओंं के माध्यम से चुनौती दी थी। अभ्यर्थियों का आरोप था कि आयोग ने उनकी उत्तर कुंजी पर दर्ज की गई आपत्तियों को सही ढंग से नहीं निपटाया और अयोग्य विशेषज्ञों से राय ली गई। सवाल उठाया कि जिन विशेषज्ञों से मूल्यांकन कराया गया, उनकी योग्यता और स्वतंत्रता संदिग्ध थी। इससे पहले, हाईकोर्ट ने 7 अप्रैल 2025 को अंतरिम आदेश जारी करते हुए आयोग को विवादित परिणामों के आधार पर नियुक्ति करने से रोका था। सुनवाई के दौरान सरकार ने अदालत को बताया कि आयोग ने इस विवाद के समाधान के लिए एक प्रोफार्मा तैयार किया है जिसमें सभी याचिकाकर्ताओं को अपने आपत्तियों का विस्तृत विवरण देना होगा। इसके बाद याचिकाकर्ताओं और आयोग दोनों के डेटा को स्वतंत्र विषय विशेषज्ञों के पास भेजा जाएगा जो पुन: जांच करेंगे। एचएसएससी ने कोर्ट को विश्वास दिलाया कि तय समय में आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से दाखिल की गई सभी आपत्तियों पर विचार होगा। हाई कोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए आदेश दिया कि याचिकाकर्ता 10 दिनों के भीतर अपनी जानकारी आयोग को दें। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा 27 जुलाई 2024 को जारी किए गए प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) के परिणाम के आधार पर किसी भी नए उम्मीदवार को नियुक्ति देने पर इससे पहले कोर्ट रोक लगा चुका है। इस परिणाम के तहत विभिन्न विषयों के करीब 7000 टीजीटी शिक्षकों का चयन किया गया था।
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