मानसून सत्र से पहले दोपहर 12 बजे बुलाई विधायक दल की बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा की राजनीति में कांग्रेस की लेट-लतिफी जगजाहिर है। चाहे 11 साल बाद संगठन विस्तार हो या नेता प्रतिपक्ष का चयन। अब शुक्रवार को दोपहर 2 बजे मानसून सत्र शुरू होने के दो घंटे पहले कांग्रेस ने विधायक दल की बैठक बुलाई है। वहीं, चौथी बार हरियाणा कांग्रेस के विधायक बिना नेता प्रतिपक्ष सत्र में उतरेंगे। नारनौंद से कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ ने वीरवार को मीडिया में बयान देते हुए कहा कि सदन में नेता प्रतिपक्ष का होना बहुत जरूरी है।
तकरीबन 10 माह में कांग्रेस हाईकमान हरियाणा में नेता प्रतिपक्ष के नाम पर फैसला नहीं ले पाया है जबकि विपक्षी पार्टी नेता प्रतिपक्ष नहीं चुने जाने को लेकर कांग्रेस पर लगातार तंज कस रही है। भले ही हाईकमान नेता प्रतिपक्ष का नाम तय न कर सका हो मगर सदन के अंदर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा नेता प्रतिपत्र की भूमिका में नजर आते रहे हैं। इस बार भी हुड्डा ही नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में नजर आएंगे।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष चौधरी उदयभान के मुताबिक शुक्रवार को दोपहर 12 बजे विधायक दल की बैठक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में बुलाई गई है। बैठक में ही सभी विधायकों से उनके हलके में आने वाली परेशानियों और मुद्दों पर बातचीत करने के बाद सदन में उठने वाले मुद्दों को तय किया जाएगा। वहीं, नेता प्रतिपक्ष पर प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि यह उनके नहीं बल्कि हाईकमान के हाथ में है। गौरतलब हो कि नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में भूपेंद्र सिंह हुड्डा, विधायक गीता भुक्कल, रघुबीर कादियान, बीबी बत्तरा का नाम चर्चा में है।
हारे विधायकों की जिम्मेदारी, कानून व्यवस्था, खाद की कमी सहित अन्य मुद्दे उठाए जाएंगे
हरियाणा भाजपा की ओर से विधानसभा चुनाव में हारी 42 विधानसभा सीटों पर मंत्रियों और विधायकों को जिम्मेदारी लगाई गई है। ये वहीं सीटें हैं जहां लगभग सीटों पर कांग्रेस के नेता जीते हैं। कांग्रेस को डर है कि इससे उनके विधायकों का कद कम होगा। इस मुद्दे को सदन में उठाने की तैयारी है। इसी तरह कांग्रेस की ओर से प्रदेश में कानून व्यवस्था, बिजली व कलेक्टर रेट में वृद्धि, किसानों को खाद की कमी, हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत तैनात कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा को लेकर मुद्दा प्रमुखता से सदन में उठाया जाएगा।