विषयवार भी शिक्षकों की तैनाती में असंतुलन, अव्यवस्था के कारण प्रभावित हो रही पढ़ाई
कुलदीप शुक्ला
चंडीगढ़। स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती के असंतुलन से प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के सरकारी दावे हवा-हवाई साबित होते नजर आ रहे हैं। प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती में न केवल जिलेवार बल्कि विषयवार भी भारी असमानता है। कहीं किसी विषय के सैकड़ों पद वर्षों से खाली पड़े हैं तो कहीं किसी विषय के जरूरत से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं। इसी तरह से कई जिले शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहे हैं और कई जिलों में शिक्षक जरूरत से ज्यादा है।
राज्य के विद्यालयों में विषयवार असंतुलन सबसे गंभीर रूप से टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) और पीजीटी (प्रवक्ता) स्तर पर दिखाई देता है। टीजीटी स्तर पर ड्राइंग (3,559 पद) और विज्ञान (1,743 पद) में शिक्षकों की सबसे ज्यादा कमी दर्ज की गई है। पीजीटी स्तर पर अंग्रेज़ी (724 पद), राजनीति विज्ञान (560 पद) और वाणिज्य (271 पद) में शिक्षकों की भारी कमी है। इसके विपरीत हिंदी, गणित और सामाजिक अध्ययन जैसे विषयों में अपेक्षाकृत अधिक शिक्षक कार्यरत हैं जिससे एक ओर कुछ विषयों की पढ़ाई ठप हैं तो दूसरी ओर कुछ विषयों के लिए अनुपात से अधिक स्टाफ है।
पैरेंट्स एसोसिएशन हरियाणा के अध्यक्ष सौरव मेहता का कहना है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विषय और जिलावार शिक्षकों का असंतुलन विद्यार्थियों के सीखने के अधिकार पर प्रतिकूल असर डाल रहा है क्योंकि अधिकांश स्कूलों में विज्ञान और कला वर्ग की पढ़ाई सबसे अधिक प्रभावित हो रही है। सिर्फ विषयवार ही नहीं जिलावार शिक्षकों की तैनाती में असंतुलन भी शिक्षा तंत्र की कमजोर योजना को उजागर करता है।
अंबाला, यमुनानगर, सिरसा, फरीदाबाद, पलवल, नूंह, भिवानी और हिसार जिले शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहे हैं। इनमें भी अंबाला, सिरसा, फरीदाबाद और यमुनानगर की स्थिति सबसे चिंताजनक है। यमुनानगर में 1,954 स्वीकृत पदों में से 743 पद रिक्त हैं। अंबाला में 450, पलवल में 405, और सिरसा में 212 प्राथमिक शिक्षकों (पीआरटी) के पद खाली हैं।
इसके विपरीत कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, जींद, रेवाड़ी और फतेहाबाद में स्वीकृत पदों से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा के राज्य महासचिव राजेश शर्मा के मुताबिक ट्रांसफर नीति में देरी और नियुक्ति प्रक्रिया की सुस्ती इस असंतुलन की मुख्य वजह है। राज्यभर में 15,659 शिक्षकों के पद खाली हैं जिनमें 8,519 पीजीटी, 4,583 टीजीटी, और 2,557 पीआरटी शामिल हैं।
विभिन्न विषयों में पीजीटी पदोन्नति कोटे के 4550 रिक्त पदों को भरने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। टीजीटी (विभिन्न विषयों) के 3427 पदों को भरने के लिए हरियाणा कौशल रोजगार निगम को मांगपत्र भेजा जा चुका है। प्राथमिक शिक्षक (पीआरटी) मेवात काडर में 1456 पदों को भरने की मांग हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को अगस्त 2024 में भेजी गई है। चालू वित्त वर्ष में शिक्षा विभाग के लिए कुल 19,855.92 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान है।
महिपाल ढांडा, शिक्षा मंत्री