अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश में कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए सबसे पहले गुरुग्राम और फरीदाबाद में नसबंदी का काम शुरू होगा। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार काम कराने के लिए कहा है। यह भी सुझाव दिया गया है कि पहले किसी एजेंसी ने यह काम किया है और टेंडर रिवाइज हो सकते हैं तो ऐसा किया जा सकता है।
हाल ही में कुत्तों की बढ़ती संख्या और इनके बढ़ते हमलों की घटनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जाहिर की थी। दिल्ली की सीमा के सबसे निकट हरियाणा के फरीदाबाद और गुरुग्राम शहर हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने गुरुग्राम व फरीदाबाद नगर निगमों के अधिकारियों को विस्तृत कार्य योजना तैयार करने को कहा है। संबंधित निकाय ही अपने स्तर पर नसबंदी के टेंडर से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करेंगे। शहरी स्थानीय निकाय विभाग इस कार्य की निगरानी करेगा।
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विधानसभा में भी समस्या को लेकर उठा सवाल
विधानसभा सत्र के दाैरान मंगलवार को यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास ने यमुनानगर शहरी क्षेत्र में बेसहारा गोवंश, कुत्तों और बंदरों के कारण होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाते हुए समाधान के लिए होने वाले कार्य की जानकारी मांगी। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने सवाल का जवाब देते हुए बताया कि यमुनानगर नगर निगम ने 34,696 कुत्तों की गणना की है और प्रथम चरण में 6500 कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के लिए टेंडर की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। संबंधित कार्य टेंडर आवंटन के उपरांत 31 मार्च 2026 तक पूरा होने की संभावना है। अगले चरण में शेष कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण का कार्य 31 दिसंबर 2027 तक पूरा होने की संभावना है। बंदरों को पकड़कर कलेसर के जंगलों में छोड़ने के लिए टेंडर आमंत्रित किए हैं। बंदर पकड़ने का कार्य 31 दिसंबर तक करा लिया जाएगा। यमुनानगर शहर में जनवरी से अभी तक 796 बेसहारा पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में छोड़ा गया है।